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मरीज के दिमाग के कुछ हिस्से डॉक्टर्स ने किए गायब, केस हुआ दर्ज
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:59 PM IST
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मंजूनाथ
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वैदेही मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर के दो न्यूरोसर्जन पर पुलिस ने लापरवाही के मामले में केस दर्ज किया है। उनपर 25 साल के आदमी जिसका नाम मंजूनाथ है उसके दिमाग के कुछ हिस्सों को गायब करने का आरोप लगा है। मंजूनाथ का इन डॉक्टर्स ने ऑपरेशन किया था। मरीज की मां रुकमिनीअम्मा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर बी गुरुप्रसाद और डॉक्टर राजेश आर रायकर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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मरीज मंजूनाथ का कहना है कि वह सर्जरी के बाद से बर्बाद हो गया है। उनकी खोपड़ी के दाएं हिस्से की हड्डी को डॉक्टर्स ने गायब कर दिया। उनका कहना है कि स्कैल्प उनके दिमाग की एकमात्र सुरक्षी थी। जिसके अभाव में अब एक स्ट्रॉ लगने से भी उनके सिर को गहरी चोट पहुंच सकती है। वहीं अपनी सफाई में डॉक्टर्स का कहना है कि मरीज के परिवारवाले प्रक्रिया को ठीक तरह से समझ नहीं पाए हैं। जबकि उन्हें साफ तौर पर बताया गया था कि दिमाग की हड्डी को रिप्लेस नहीं किया जा सकता है।
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दोनों डॉक्टर्स के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता धारा 338 (जीवन को खतरे में डालने या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा के कारण गंभीर चोट लगना) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा- हमने आरोपों को लेकर शिकायतकर्ता से समर्थित दस्तावेजों की मांग की है। शिकायत के अनुसार मंजूनाथ को सिर में दर्द होने की वजह से वैदेही अस्पताल में 2 फरवरी, 2017 को भर्ती करवाया गया था। डॉक्टर्स ने परिवारवालों को बताया कि मरीज के दिमाग में खून जमा हुआ है और उसे तुरंत सर्जरी की जरुरत है ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
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सर्जरी के दौरान डॉक्टर्स ने मंजूनाथ के दिमाग की हड्डी निकाल दी। परिवार से कहा कि अभी दिमाग में सूजन है और वह बाद में हड्डी को लगा देंगे। मंजूनाथ के ठीक होने के बाद परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो दोनों डॉक्टर्स ने कहा कि उन्होंने उसे डस्टबिन में फेंक दिया है। मंजूनाथ की दो बेटियां हैं और वह अपने परिवार मे अकेला कमाने वाला है। मगर डॉक्टर्स की वजह से वह अब कोई भी काम नहीं कर सकता है।