{"_id":"58aa8e5a4f1c1b0853b22eea","slug":"dream-come-true-now-you-can-go-on-honeymood-at-the-moon","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तो होगा सपना पूरा, अब चांद पर मना सकेंगे हनीमून!","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
तो होगा सपना पूरा, अब चांद पर मना सकेंगे हनीमून!
ब्यूरो / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 20 Feb 2017 12:26 PM IST
विज्ञापन
अक्सर लोग अपनी पत्नी या प्रेमिका को चांद-तारों के बीच ले जाने का सपना दिखाते हैं। अब वे जल्द ही इसे पूरा कर सकेंगे, क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रमा से ऊर्जा हासिल करने की तकनीकी ईजाद कर लिया है। यहा जानकारी इसरो के वैज्ञानिक सिवाथनु पिल्लई ने दी। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत अपनी जरूरतों के हिसाब चंद्रमा से ऊर्जा हासिल करने लगेगा।
उनके मुताबिक, चंद्रमा पर भारी मात्रा में हीलियम-3 है। इसी से भारत को ऊर्जा मिल पाएगी। सिवाथनु ने बताया कि इसरो के वैज्ञानिक चांद की मिट्टी धरती पर लाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि हीलियम-3 हासिल किया जा सके। मालूम हो कि हीलियम-3 हीलियम का आइसोटॉप है, जिसे ऊर्जा में बदला जा सकता है।
विज्ञापन
उनके मुताबिक, चंद्रमा पर भारी मात्रा में हीलियम-3 है। इसी से भारत को ऊर्जा मिल पाएगी। सिवाथनु ने बताया कि इसरो के वैज्ञानिक चांद की मिट्टी धरती पर लाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि हीलियम-3 हासिल किया जा सके। मालूम हो कि हीलियम-3 हीलियम का आइसोटॉप है, जिसे ऊर्जा में बदला जा सकता है।
विज्ञापन
Trending Videos
सूर्य में हो रही फ्यूशन रियेक्शन में हाईड्रोजन लगातार हीलियम में बदल रहा है, जिससे ऊर्जा जनरेट हो रही है। इसी तरह अगर हीलियम में फ्यूशन रिएक्शन कराई जाए तो यह हीलियम-2 में बदलेगा, जिससे ऊर्जा पैदा होगी। सिवाथनु ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘कल्पना चावला स्पेस पॉलिसी’ विषय पर कहा कि वो दिन दूर नहीं जब लोग चांद पर हनीमून मनाने जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस सपने को पूरा होने में कुछ दशक का समय लग सकता है। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल और भारतीय सेना के परिप्रेक्ष्य योजना के निदेशक पीएम बाली ने कहा कि जीसेट-7 ऐसा पहला सेटेलाइट है, जो पूरी तरीके से सेना के लिए काम करती है।
भारतीय फौज इस सेटेलाइट के जरिए देश की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखती है। हाल ही में इसरो के वैज्ञानिकों ने एक रॉकेट की मदद से 104 सेटेलाइट प्रक्षेपित कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। इतना ही नहीं इसरो दुनिया में सबसे कम खर्च में मंगल मिशन को पूरा कर चुका है।
उन्होंने कहा कि इस सपने को पूरा होने में कुछ दशक का समय लग सकता है। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल और भारतीय सेना के परिप्रेक्ष्य योजना के निदेशक पीएम बाली ने कहा कि जीसेट-7 ऐसा पहला सेटेलाइट है, जो पूरी तरीके से सेना के लिए काम करती है।
भारतीय फौज इस सेटेलाइट के जरिए देश की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखती है। हाल ही में इसरो के वैज्ञानिकों ने एक रॉकेट की मदद से 104 सेटेलाइट प्रक्षेपित कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। इतना ही नहीं इसरो दुनिया में सबसे कम खर्च में मंगल मिशन को पूरा कर चुका है।