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गणतंत्र दिवस परेड में डीआरडीओ निकालेगा दो झांकियां, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों की दिखेगी झलक
Mon, 25 Jan 2021 07:29 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 25 Jan 2021 07:29 AM IST
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एलसीए नेवी
- फोटो : pti
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नई दिल्ली के राज पथ पर हर वर्ष की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस परेड में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ तीनों सेनाओं के लिए उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी उत्पादों का प्रदर्शन करने जा रहा है।
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अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के विकास के अपने भरोसे को बनाए रखते हुए, डीआरडीओ एक बार फिर प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस परेड 2021 के लिए दो महत्वपूर्ण झाँकियाँ लेकर आया है।
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वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों का प्रदर्शन करते हुए, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट-एलसीए नेवी का उडान भरना और विमान वाहक पोत पर उतारना शामिल है। इसके अलावा एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों के पूरे परिवार को प्रदर्शित करेगा।
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लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस ने भारतीय नौ सेना के विमान वाहक जहा से उडान भरने और उतरने की एक बड़ी प्रौद्योगिकी क्षमता का मील का पत्थर हासिल किया है। एलसीए नौ सेना की झांकी समुद्र में नौ सैनिक जहाज आईएनएस विक्रमादित्य से एलसीए नौसेना के वाहक संचालन के सफल प्रदर्शन का जश्न मनाती है।
एलसीए नेवी की झांकी लैंडिंग, टेकऑफ और भार उठाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन करती है। एक वाहक जहाज पर एक विमान द्वारा तीन सबसे महत्वपूर्ण संचालन की आवश्यकता होती है। वर्ष 2020 में एलसीए नेवी ने 90 मीटर लम्बे रनवे पर सफलतापूर्वक उतरने और 145 मीटर के छोटे से रनवे से उडान भरने का सफल प्रदर्शन किया।
एलसीए नेवी भारत की पहली चौथी पीढ़ी से आगे का एसटीओबीएआर (स्की-जंप टेक ऑफ बट अरेस्ड रिकवरी) लड़ाकू विमान है जो किसी भी विमान वाहक जहाज से संचालित होने में सक्षम है। भारतीय नौसेना के कमोडोर अभिषेक सी गावंडे झांकी का नेतृत्व कर रहे हैं।
टैंक-रोधी प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकियों में भारत की सफलता को प्रदर्शित करते हुए डीआरडीओ की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) सिस्टम के पूर्ण परिशिष्ट को दर्शाने वाली झांकी होगी।
इस झांकी में नाग (एनएजी), हेलिना (एचईएलआईएनए), एमपीएटीजीएम, सैंट(एसएएनटी) और एमबीटी अर्जुन के लिए लेजर गाइडेड एटीजीएम दिखाई देंगे। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) झांकी का प्रतिनिधित्व डीआरडीएल हैदराबाद के युवा वैज्ञानिक श्री शिलादित्य भौमिक, वैज्ञानिक 'डी' द्वारा किया जाएगा।
नाग (एनएजी) एक तीसरी पीढ़ी की मिसाइल है और दुश्मन के भारी भरकम टैंकों से मुकाबला करने के लिए यंत्रीकृत संरचनाओं के लिए विकसित मिसाइल है। हेलिना, हेलिकॉप्टर से छोड़ी जाने वाली एंटी टैंक मिसाइल तीसरी पीढी की मिसाइल है और इसकी रेंज 7 किलोमीटर की है।
यह मिसाइल उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) के हथियार वाले संस्करण पर एकीकरण के लिए विकसित की गई है। एमपीएटीजीटीजीएम एक मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है जिसकी रेंज 2.5 किलोमीटर है और पैदल सेना के उपयोग के लिए बडे हमले की क्षमता है। SANT एक स्मार्ट स्टैंड-ऑफ एंटी-टैंक मिसाइल है जिसे वायुसेना के एंटी टैंक ऑपरेशन के लिए एमआई-35 हेलीकाप्टर से लॉन्च करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
एमबीटी अर्जुन के लिए एटीजीएम एक लेजर गाइडेड पीजीएम (प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन) है, जो विस्फोटक रिएक्टिव कवच (ईआरए) संरक्षित बख्तरबंद लक्ष्यों को से मुकाबला करने और हराने के लिए अर्जुन टैंक की 120 मिली मीटर राइफल वाली बंदूक से लॉन्च किया जाता है।
लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट-एलसीए तेजस मॉडल भारतीय वायु सेना की झांकी का भी हिस्सा है और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में वोकल फॉर लोकल की थीम का प्रतिनिधित्व करता है। इस वर्ष राजपथ पर डीआरडीओ के अन्य उत्पादन में जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल और हवा से हवा में मार करने वाली एस्ट्रा मिसाइल वायुसेना की झांकी में शामिल हैं।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ सशस्त्र बलों के लिए एक डिजाइन और विकास एजेंसी रही है। आत्मनिर्भर भारत की भावना को सुदृढ़ करने के लिए, डीआरडीओ रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के सभी हितधारकों के साथ साझेदारी कर रहा है। इसमें शिक्षा, उद्योग और सेना के लिये नवीनतम तकनीक विकसित करना शामिल है।