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टेस्ट किट बनाने के मामले में मई 2020 तक आत्मनिर्भर हो जाएगा देश: डॉ. हर्षवर्धन

Wed, 29 Apr 2020 04:51 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 29 Apr 2020 04:51 AM IST
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Dr harshvardhan says The country will become self-reliant by the end of May 2020 in terms of making rapid test kits and rt-pcr kit
डॉ हर्षवर्धन - फोटो : ani

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और उसके स्वायत्त संस्थानों (एआई और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों) बीआईआरएसी तथा बीआईबीसीओएल द्वारा कोविड संकट से निपटने के लिए विशेष रूप से वैक्सीन, तथा स्वेदशी रैपिड टेस्ट और आरटी -पीसीआर नैदानिक किट विकसित करने की दिशा में की गई विभिन्न पहलों की समीक्षा की।

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उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि स्वदेशी रैपिड टेस्ट और आरटी-पीसीएस डायग्नोस्टिक किट बनाने के मामले में मई 2020 तक हमारा देश आत्मनिर्भर हो जाएगा।

इस दौरान आनुवांशिक अनुक्रमण के बारे में चर्चा करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि ये अनुवांशिक अनुक्रमण के प्रयास मुझे 26 साल पहले के पोलियो उन्मूलन अभियान की याद दिलाती है। उस समय भी, पोलियो वायरस के संक्रमण की अवस्थाओं को उजागर करने के लिए आनुवांशिक अनुक्रमण का उपयोग किया गया था, जिसने अंततः पोलियो के उन्मूलन में मदद की।
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डॉ. हर्षवर्धन ने 150 स्टार्ट अप्स को दी जा रही मदद के लिए बीआईआरएसी के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने इस मौके पर बीआईबीसीओएल के एक सार्वजनिक उपक्रम द्वारा बनाया गया हैंडसैनिटाइजर भी जारी किया डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, "इस सैनिटाइजर की प्रत्येक बोतल की  बिक्री  से मिलने वाली रकम में से एक रुपया पीएम केयर्स कोष में जाएगा"।
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वहीं डीबीटी की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप ने बताया कि डीबीटी ने कोविड से निपटने के लिए तत्काल समाधान के साथ ही साथ दीर्घकालिक तैयारियों के लिए एक बहु-आयामी अनुसंधान रणनीति और कार्य योजना तैयार की है। इस बहुपक्षीय प्रयासों में कोविड के लिए फ्लू जैसा टीका विकसित करने के साथ ही होस्ट और पैथोजन पर स्वदेशी डायग्नोस्टिक्स जीनोमिक अध्ययन शामिल है।

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) ने डायग्नोस्टिक्स, टीके, नोवेल थैरेप्यूटिक्स, तथा दवाओं को अन्य तरह से इस्तेमाल या किसी और तरह के उपाय अपनाए जाने के लिए एक कोविड अनुसंधान  कंसोर्टियम बनाए जाने की बात कही है।
 

वीडियो कान्फ्रेंसिंग में डीबीटी की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप,कई वरिष्ठ अधिकारी ,वैज्ञानिक तथा बीआईआरएसी और बीआईबीसीओएल के भी कई बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

सात दिन, 80 जिले, कोई नया मरीज नहीं

इससे पहले डॉ हर्षवर्धन ने एक राहत की खबर दी। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के दौरान देश के 80 जिलों में एक भी नया केस नहीं आया है। 47 जिले ऐसे हैं, जहां बीते 14 दिन में कोई मामला नहीं मिला है।

उन्होंने  आगे बताया कि 39 जिलों में 21 दिन से कोई मामला नहीं मिला है। वहीं, बीते 24 घंटे में 16 जिलों में कोई नया केस नहीं आया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया, देश के 300 जिले हॉटस्पॉट नहीं है, जबकि 129 जिले कोरोना के मरीज मिलने के बाद हॉटस्पॉट घोषित किए गए हैं।

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