फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Doubt on completion of bullet train project 2023 due to coronavirus pandemic

कोरोना महामारी के कारण बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट 2023 में पूरा होने पर संशय

Sun, 06 Sep 2020 02:32 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 06 Sep 2020 02:32 AM IST
विज्ञापन
Doubt on completion of bullet train project 2023 due to coronavirus pandemic
बुलेट ट्रेन (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

कोरोना महामारी के कारण मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी हो सकती है। इस प्रोजेक्ट को दिसंबर, 2023 में पूरा किया जाना है, लेकिन कोरोना के कारण टेंडर और भूमि अधिग्रहण का काम लटक गया है।

विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक, नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन (एनएचएसआरसीएल) ने प्रोजेक्ट के लिए 63 फीसदी भूमि अधिग्रहण कर लिया है, जिसमें गुजरात में करीब 77 फीसदी, दादर नागर हवेली में 80 फीसदी और महाराष्ट्र में 22 फीसदी भूमि शामिल है। महाराष्ट्र के पालघर और गुजरात के नवसारी में भूमि अधिग्रहण को लेकर कुछ मुश्किलें हैं। पिछले साल कंपनी ने नौ लोक निर्माण टेंडर मंगवाए थे, लेकिन कोरोना के कारण उन्हें खोला नहीं जा सका।
विज्ञापन


एनएचएसआरसीएल के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने बताया, कोरोना के कारण हमने कुछ टेंडर खोलने को फिलहाल टाल दिया है। प्रोजेक्ट पर महामारी के प्रभाव का आकलन करना अभी मुश्किल है। इस पर कब काबू पाया जाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि अभी प्रोजेक्ट की समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए काम को 26 पैकेज में  बांटा गया है और प्रत्येक को पूरा करने के लिए 30 महीने का समय रखा गया है। तो अगर भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो जाता है और टेंडर खुल जाते हैं तो उम्मीद है कि हम समय पर प्रोजेक्ट पूरा कर सकते हैं।
 
तीन से छह महीने में पता चलेगी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की वास्तविक समयसीमा: रेलवे
रेलवे ने कहा है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अच्छा चल रहा था, लेकिन इसके पूरा होने का वास्तविक समय तीन से छह महीने बाद पता लगेगा, जब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी। कोरोना के कारण इसमें देरी हुई है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने शनिवार के कहा, बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट में काम तभी शुरू होता है, जब निश्चित भूमि उपलब्ध हो।


हमें उम्मीद है कि अगले तीन से छह महीने में हमें प्रोजेक्ट के शुरू होने का वास्तविक समय पता चलेगा। यह सही है कि टेंडर और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी हुई है। जैसे ही कोरोना की स्थिति सुधरेगी हम टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed