कोरोना से जंग: अभी राहत मिलने के आसार नहीं, 31 मई तक 'टेलीफोन' से चलेंगे केंद्र सरकार के दफ्तर
कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक हालात ठीक नहीं हो जाते, तब तक पचास फीसदी स्टाफ की मदद से ही कामकाज करना होगा। तीन मई को जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि नया रोस्टर प्लान 31 मई या आगामी आदेशों तक लागू रहेगा...
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देश को कोरोना संक्रमण से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने अपने सभी कार्यालयों के लिए ड्यूटी का नया रोस्टर जारी कर दिया है। डीओपीटी द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि 31 मई तक नियमानुसार 'वर्क फ्रॉम होम' के जरिए टेलीफोन की मदद से जरूरी कामकाज निपटाए जाएंगे। अंडर सेक्रेटरी, उसके समकक्ष और नीचे के 50 फीसदी कर्मचारी ही कार्यालय में आएंगे। केंद्र सरकार के जो अधिकारी कोरोना के कंटेनमेंट जोन में रहते हैं, उन्हें भी कार्यालय में आने से छूट प्रदान की गई है। डीओपीटी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण की वजह से देश में हालात ठीक नहीं हैं।
कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक हालात ठीक नहीं हो जाते, तब तक पचास फीसदी स्टाफ की मदद से ही कामकाज करना होगा। तीन मई को जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि नया रोस्टर प्लान 31 मई या आगामी आदेशों तक लागू रहेगा। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों को इसका सख्ती से पालन करना होगा। विभागाध्यक्ष या सचिव स्तर के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोरोनाकाल में कार्यालय का कामकाज प्रभावित न हो। साथ ही स्टाफ को भी कोरोना संक्रमण से बचाए रखना है।
डिप्टी सेक्रेटरी, उसके समकक्ष या ऊपर के अधिकारी नियमित आधार पर कार्यालय में आएंगे। अधिकारी और स्टाफ के लिए कार्यालय में आने का अलग रोस्टर तैयार किया गया है। इसका मकसद है कि कार्यालय में भीड़ का माहौल न बने। पहली शिफ्ट सुबह नौ बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक रहेगी। दूसरी शिफ्ट साढ़े नौ बजे से लेकर शाम छह बजे तक चलेगी। तीसरी शिफ्ट में सुबह दस बजे से शाम साढ़े छह बजे तक कार्यालय खुले रहेंगे। यदि कोई अधिकारी किसी दिन दफ्तर नहीं आता है तो उसे टेलीफोन के जरिए कामकाज निपटाना होगा। यानी वह 'वर्क फ्रॉम होम' ड्यूटी पर रहेगा और लैपटॉप व मोबाइल आदि के जरिए दफ़्तर का कामकाज पूरा करेगा।
यदि कोई अधिकारी कंटेनमेंट जोन में आता है, तो उसे दफ्तर आने से छूट मिलेगी। हालांकि जैसे ही उसके क्षेत्र से कंटेनमेंट जोन खत्म होता है, उसे तुरंत कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा। ऐसे लोग जो शारीरिक तौर पर अक्षम हैं या गर्भवती महिलाएं हैं, उन्हें भी कार्यालय में आने से छूट दी गई है। ऐसे कर्मी घर पर रह कर ही कार्यालय का कामकाज निपटाएंगे। दफ्तर आने वाले सभी कार्मिकों को कोविड-19 के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। कर्मियों को लिफ्ट, सीढ़ियों, कॉरिडोर, कॉमन एरिया, रिफ्रेशमेंट कियोस्क और पार्किंग एरिया में एकत्रित होने की इजाजत नहीं मिलेगी। उन्हें हर हाल में सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी।
कार्यालय की बैठकों का शेड्यूल वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए तय होगा। ऐसा प्रयास किया जाएगा कि अधिकारियों को बैठक के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर न आना-जाना पड़े। बाहर से आने वाले लोगों का कार्यालय में प्रवेश बंद रहेगा। जो कर्मी 18 साल से अधिक आयु के हैं, उन्हें जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई है। सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा गया है कि वे केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और डीओपीटी द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का सख्ताई से पालन करें। बॉयोमीट्रिक अटैंडेंस सिस्टम आगामी आदेशों तक सस्पेंड रहेगा। तब तक सामान्य रजिस्टर में ही उपस्थिति लगानी होगी। ये दिशा निर्देश एक मई से लागू माने जाएंगे।