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New Year: ट्रंप 2.0 से लेकर महाकुंभ मेला और विधानसभा चुनाव तक, साल 2025 में इन बातों पर रहेंगी सभी की निगाहें

Thu, 02 Jan 2025 10:20 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 02 Jan 2025 10:20 AM IST
सार

ट्रंप ने हाल ही में कनाडा पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने, पनामा नहर पर कब्जा करने और ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी की है। साफ है कि ट्रंप की कई योजनाएं हैं। ट्रंप ने ट्रांसजेंडर्स और अवैध अप्रवासन को लेकर भी बयानबाजी की है।

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donald trump presidency to kumbh mela things to look out in new year 2025
2025 में इन घटनाक्रम पर रहेंगी नजरें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साल 2024 का आज आखिरी दिन हैं। ये साल कई मायनों में चौंकाने वाला साल रहा और भारत के पड़ोस में भी कई नाटकीय घटनाक्रम हुए। बहरहाल अब लोग 2025 के स्वागत के लिए तैयार है। साथ ही इस बात की भी चर्चा है कि अगले साल राजनीतिक और वैश्विक स्तर पर कौन सी ऐसी बातें हैं, जिन पर सभी का ध्यान रहेगा। तो आइए जानते हैं कि किन-किन बातों पर 2025 में दुनिया की नजरें रहेंगी।
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डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल
डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। ट्रंप ने डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को हराकर चुनाव जीता था और 20 जनवरी को वे राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं। ट्रंप के पुराने रिकॉर्ड और उनके हालिया बयानों को देखते हुए ट्रंप के कार्यकाल पर सभी की नजरें रहेंगी। ट्रंप की कैबिनेट में भी कई ऐसे नाम हैं, जिन पर लोगों की नजरें रहेंगी, उनमें दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क का नाम भी शामिल हैं, जिन्हें ट्रंप ने सरकार के खर्चे कम करने की जिम्मेदारी दी है। ट्रंप ने हाल ही में कनाडा पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने, पनामा नहर पर कब्जा करने और ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी की है। साफ है कि ट्रंप की कई योजनाएं हैं, जिनसे राजनीतिक तौर पर उथल-पुथल हो सकती है। ट्रंप ने ट्रांसजेंडर्स और अवैध अप्रवासन को लेकर भी बयानबाजी की है। ऐसे में ट्रंप के कार्यकाल के शुरुआती दिनों पर सभी की निगाहें रहेंगी। 
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वैश्विक भू-राजनीति के लिए अहम रहेगा साल 2025
इस साल बांग्लादेश और सीरिया में तख्तापलट ने पूरी दुनिया को चौंकाया। साथ ही श्रीलंका में अनुरा कुमारा दिसानायके को प्रचंड जीत मिली। पाकिस्तान में भी पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी द्वारा लगातार बगावत का बिगुल फूंका जा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान में भी राजनीतिक संकट लगातार गहरा रहा है। यूरोप, फ्रांस और जर्मनी में सरकारें अल्पमत में चल रही हैं और वहां भी राजनीतिक संकट बढ़ रहा है। वहीं पश्चिम एशिया का संकट अभी भी बना हुआ है और रूस-यूक्रेन युद्ध लगातार जारी है और इसके बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में नए साल में वैश्विक भू-राजनीति पर भी नजरें बनी हुई हैं और नए साल में भी कुछ चौंकाने वाले घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।  
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महाकुंभ मेला
13 जनवरी से महाकुंभ मेले की शुरुआत हो रही है, जो फरवरी तक चलेगा। कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा मेला है, जहां करोड़ों लोग आते हैं। महाकुंभ मेले में भी करीब 40 करोड़ लोगों को आने की उम्मीद है। कुंभ मेला गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के तट पर लगता है। यूनेस्को ने कुंभ मेले को सांस्कृतिक विरासत के रूप में वर्गीकृत किया है। पिछली बार महाकुंभ मेला साल 2013 में आयोजित हुआ था, तब इसमें 12 करोड़ लोग शामिल हुए थे। हिंदुओं का मानना है कि कुंभ मेले के दौरान संगम में डुबकी लगाने से उनके पाप धुल जाते हैं।

इन राज्यों के चुनाव पर रहेंगी नजर
साल 2025 में राजधानी दिल्ली और बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव के साथ ही ये चुनाव भारतीय राजनीति के तीन ब्रांड्स के बीच का भी चुनाव माना जा रहा है, जिनमें पीएम मोदी, नीतीश कुमार और अरविंद केजरीवाल का नाम शामिल है। बीते करीब दो दशकों से बिहार के सीएम पद पर काबिज नीतीश कुमार के लिए आगामी विधानसभा चुनाव एक बड़ी परीक्षा है। नीतीश के साथ ही तेजस्वी यादव के लिए भी अपनी ताकत साबित करने के लिए आगामी चुनाव अहम होंगे। आबकारी नीति मामले में जेल जाने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल औऱ उनकी पार्टी का काफी कुछ दांव पर है। ये चुनाव पीएम मोदी की ब्रांड वैल्यू के लिहाज से भी अहम होंगे क्योंकि बिहार और दिल्ली दोनों ही राज्य ऐसे हैं, जहां भाजपा अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। 


कई विधेयकों पर भी रहेंगी नजरें
सरकार ने बीते शीतकालीन सत्र में एक देश एक चुनाव विधेयक पेश कर दिया है। फिलहाल संसद की संयुक्त समिति इस पर चर्चा करेगी। अगले साल इस विधेयक के पारित होने की उम्मीद है। यह विधेयक पारित होता है तो इससे देश की राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा। साथ ही ऐसी भी चर्चाएं हैं कि सरकार समान नागरिक संहिता जैसे फैसलों पर भी विचार कर सकती है। इनके अलावा जनगणना भी अगले साल शुरू होनी है। साथ ही वक्फ संशोधन विधेयक भी जेपीसी के पास है, जिसे लेकर काफी चर्चाएं हैं। 

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