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टाइम पर्सन ऑफ द ईयर : जनता ने मोदी, एडिटर्स ने ट्रंप को चुना

Thu, 08 Dec 2016 02:08 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 08 Dec 2016 02:08 PM IST
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Donald Trump is TIME's Person of the Year 2016
- फोटो : social media

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2016 के 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' चुन लिए गए। रीडर्स पोल में जीतने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार भी नहीं चुने गए। 

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सोमवार को टाइम मैगजीन के ऑनलाइन पोल में पीएम मोदी को पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था। बीते साल भी इस प्रतिष्ठित सम्मान की दौड़ में ऑनलाइन रीडर्स पोल जीतकर प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे थे लेकिन एडिटर्स पैनल ने उनकी जगह जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल को यह पुरस्कार दे दिया।
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इस साल भी मोदी इस रेस में सबसे आगे थे, इतना आगे कि उन्हें मिले 18 फीसदी वोट के बाद अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बराक ओबामा जैसे दिग्गज मात्र 7 फीसदी वोट के बाद उनसे काफी पीछे थे। साल 2015 में भी वह ऑनलाइन रीडर्स पोल में विजेता बनने के बाद भी टाइम पर्सन ऑफ द ईयर बनने से रह गए थे।

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रीडर्स पोल जीतकर भी क्यों नहीं चुने गए पीएम मोदी

Donald Trump is TIME's Person of the Year 2016

यह एक ऑनलाइन पोल है जो कि टाइम मैगजीन करवाती है यह जानने के लिए कि दुनिया इन हस्तियों को किस नजरिए से देखती है और किसे बेहतर मानती है । टाइम पत्रिका ने अपने ऑनलाइन संस्करण में लिखा था कि मोदी को सबसे ज्यादा वोट भारत से मिले, साथ ही कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी से भी उनके लिए काफी वोट किए गए। लेकिन एक सच यह भी है कि इन सभी के केंद्र में अमेरिका होना चाहिए।

टाइम ने अब तक जिन लोगों को यह अवॉर्ड दिया, उनमें अमेरिका केंद्र में था।  टिम कुक 'गे' , फर्ग्युसन, इबोला, पुतिन, ओबामा ये सभी अमेरिका को छूते हैं। ऐसे में मोदी के 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुने जाने की संभावना बेहद कम थी।

'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' के लिए वोटिंग जरूर कराई जाती है। लेकिन वोटिंग के ही आधार पर चुनाव नहीं होता। वोटिंग के बाद पाइनल कॉल एक कमेटी लेती है। जिसमें टाइम मैगजीन के एडिटर्स की पसंद अहम मानी जाती है। हालांकि पहले भी एडिटर्स पैनल कई ऑनलाइन पोल के परिणामों को पलट चुका है।

साल 2006 में वेनेजुएला के प्रजीडेंट ह्यूगो शावेज ऑनलाइन पोल में सबसे आगे थे लेकिन जब अंतिम परिणाम आए तो एडिटर्स ने उनकी जगह किसी और को पुरस्कार दे दिया। इससे पहले 1998 में WWE रेसलर मिक फॉली के जब जीतने की संभावना सबसे ज्यादा थी तब उन्हें पोल लिस्ट से ही हटा दिया गया।

'पर्सन ऑफ ईयर' की शुरूआत कब और कैसे हुई थी

Donald Trump is TIME's Person of the Year 2016

अमेरिकी की प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन की शुरूआत साल 1927 में हुई थी। इसी दौरान पत्रिका ने मैन ऑफ द ईयर पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की। 

 1927 में ही चार्ल्स लिंडनबर्ग ने अटलांटिक महासागर को बगैर रुके पार करके विश्व के पहले पायलट बनने की उपलब्धि हासिल की थी। लेकिन पत्रिका ने उनके ऊपर कोई स्टोरी नहीं।

इसकी आलोचना शुरू हुई तो छवि बचाने के लिए मैगजीन ने उन्हें 'मैन ऑफ द ईयर' घोषित कर दिया।

 भारत की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को साल 1930 में 'मैन ऑफ द ईयर' के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 

साल 1999 में इसका नाम मैन ऑफ द ईयर से बदलकर पर्सन ऑफ द ईयर कर दिया गया।

कई साल पहले मैगजीन ने अंतिम चयन से पहले पाठकों की राय जानने के लिए ऑनलाइन रीडर्स पोल शुरू किया।

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