{"_id":"57cfe9ac4f1c1b2556318bd4","slug":"does-pokemon-go-offend-hindus-jains-gujarat-high-court-wants-answer","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पोकेमॉन गो से धार्मिक भावनाएं आहत? गुजरात हाईकोर्ट ने मांगा जवाब","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पोकेमॉन गो से धार्मिक भावनाएं आहत? गुजरात हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 07 Sep 2016 05:24 PM IST
विज्ञापन
पोकेमॉन गो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चर्चित मोबाइल गेम 'पोकेमॉन गो' अब धार्मिक भावनाएं आहत करने के विवाद में भी फंस गया है। केंद्र और गुजरात सरकार से पूछा गया है कि क्या इस लोकप्रिय गेम की वजह से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं? सैन फ्रांसिस्को की कंपनी नायनटिक द्वारा विकसित किए गए इस गेम में एग्स जमा किए जाते हैं जो अलग-अलग पूजा स्थलों में रखे दिखाए जाते हैं।
गुजरात हाई कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार से इस मामले पर चार हफ्तों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। दरअसल, अनिल दवे नाम के एक शख्स ने इस संबंध में कोर्ट केस फाइल किया है। उनका कहना है कि एग्स हिंदू और जैन मंदिरों में प्रतिबंधित हैं।
विज्ञापन
गुजरात हाई कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार से इस मामले पर चार हफ्तों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। दरअसल, अनिल दवे नाम के एक शख्स ने इस संबंध में कोर्ट केस फाइल किया है। उनका कहना है कि एग्स हिंदू और जैन मंदिरों में प्रतिबंधित हैं।
विज्ञापन
यह है विवाद की जड़
pokemon go
दवे के वकील नचिकेत दवे का कहना है, 'गेम खेलते हुए लोगों को एग्स के रूप में प्वॉइंट्स मिलते है। ये सामान्य तौर पर धार्मिक स्थलों पर रखे दिखाए जाते हैं। हिंदू और जैन मंदिरों में एग्स दिखाना ईशनिंदा है। इसलिए मेरे क्लाइंट ने देश में इस खेल पर प्रतिबंध की मांग की है।'