{"_id":"61f7a3617c3dc56721599773","slug":"document-leak-case-rouse-avenue-court-grants-bail-to-lawyer-social-media-manager-of-maharashtra-ex-home-minister-anil-deshmukh","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस्तावेज लीक मामला: अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री के वकील और सोशल मीडिया मैनेजर को दी जमानत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दस्तावेज लीक मामला: अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री के वकील और सोशल मीडिया मैनेजर को दी जमानत
Mon, 31 Jan 2022 02:22 PM IST
संजीव कुमार झा
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 31 Jan 2022 02:22 PM IST
सार
दस्तावेज लीक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा और उनके सोशल मीडिया मैनेजर वैभव गजेंद्र तुमाने को अदालत से जमानत मिल गई।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा और उनके सोशल मीडिया मैनेजर वैभव गजेंद्र तुमाने को दस्तावेज लीक मामले में जमानत दे दी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने मामले में जमानत दे दी। दोनों आरोपियों पर दस्तावेज लीक करने का आरोप है।
विज्ञापन
सीबीआई ने जमानत याचिका का किया विरोध, लगाए गंभीर आरोप
बहस के दौरान, सीबीआई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि तुमाने ने वकील आनंद डागा से संवेदनशील रिपोर्ट एकत्र की, इसकी प्रतियां तैयार कीं और इसे दिल्ली के विभिन्न पतों पर भेजा। सीबीआई ने कहा कि आवेदक तुमाने को जांच में शामिल होने का नोटिस दिए जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ। आवेदक का कानून की प्रक्रिया से बचने का इतिहास रहा है। इसके अलावा, उसके द्वारा किए गए अपराधों के लिए कानून द्वारा निर्धारित सजा की गंभीरता को देखते हुए, इस बात की पूरी संभावना है कि अगर वह जमानत पा जाता है तो वह इस अदालत की प्रक्रिया से बचने के लिए कोशिश कर सकता है।
विज्ञापन
अवैध रूप से प्राप्त की गई जांच रिपोर्ट डागा के पास पहले से ही: सीबीआई
सीबीआई ने कहा कि यह पता चला है कि अवैध रूप से प्राप्त की गई जांच रिपोर्ट डागा के पास पहले से ही उपलब्ध थी, जिसे उसने वैभव गजेंद्र तुमाने के साथ मिलकर साजिश के तहत एक नोट के साथ कई पतेदारों को परिचालित/पोस्ट किया था। जांच को विफल करने की उनकी बड़ी साजिश थी। सीबीआई ने चार्जशीट में अपने तत्कालीन अधिकारी अभिषेक तिवारी, वकील आनंद दिलीप डागा और वैभव गजेंद्र तुमाने का नाम लिया है।
विज्ञापन