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एक ही कंपनी में स्थायी नौकरी का सपना मत पालिए

Mon, 05 Sep 2016 02:51 PM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला/नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला/नई दिल्ली Updated Mon, 05 Sep 2016 02:51 PM IST
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Do not dream of a permanent job in the same company
केन्द्र सरकार रोजगार खत्म होने की दशा में विदेशों की तर्ज पर सेवरेज पैकेज देने पर विचार कर रही है। ताकि यदि किसी की नौकरी चली जाए तो उसके सामने तत्काल हाथ खाली होने का संकट न पैदा हो। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा कि हम कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा की इस योजना पर विचार कर रहे हैं और केन्द्र सरकार इसके प्रति गंभीर है।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में शंकर अग्रवाल ने कहा कि एक साल के वेतन पर कर्मी को 45 दिन के वेतन का अतिरिक्त भुगतान किए जाने की योजना के अलावा हम इस भी विचार कर रहे हैं कि नौकरी जाने की दशा में उसे क्या और कितना भुगतान सुनिश्चित किया जा सकता है। ताकि किसी युवा की नौकरी जाने की दशा में उसे अधिक तंगी न झेलनी पड़े। वह आसानी से दूसरा रोजगार ढूंढ ले। गौरतलब है कि अमेरिका सरीखे अन्य विकसित और ठोस अर्थ व्यवस्था वाले देशों में इसी तरह की व्यवस्था है।
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शंकर अग्रवाल ने कहा कि कोई युवा अब यह मानकर न चले कि उसे एक ही स्थान पर स्थायी नौकरी करनी है। आने वाले समय में नौकरियां जा सकती हैं। सरकार नौकरी में स्थायित्व को लेकर सख्त नियम कायदे के पक्ष में नहीं है, लेकिन केन्द्र  एक नई व्यवस्था पर जरूर काम कर रहा है। इस व्यवस्था में युवाओं के सामने रोजगार जाने पर दूसरा रोजगार पाने में अधिक समस्या नहीं आएगी और बाजार में रोजगार के पर्याप्त विकल्प मौजूद होगें ।
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नौकरी जाने पर सरकार करेगी सामाजिक सुरक्षा का प्रबंध

Do not dream of a permanent job in the same company
अग्रवाल ने कहा कि इसके अलावा केन्द्र सरकार रोजगार जाने की दशा में कुछ महीने(संभवत: छह महीने) तक एक निर्धारित स्टाइपेंड दिए जाने पर भी विचार कर रही है। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार सचिव ने कहा कि रोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा तथा न्यूनतम मजदूरी तीनों को लेकर केन्द्र सरकार संवेदनशील है।

सामाजिक सुरक्षा के तहत ही हम इस प्रक्रिया को अमल में लाने जा रहे हैं कि साल भर की नौकरी करने वाले को 45 दिन का अतिरिक्त वेतन(रिटेंशन बोनस) दिया जाए। इस तरह से यह राशि रोजगार जाने की दशा में उसे अपने जीवन यापन के नए अवसर को तैयार करने में सहायक होगी।

शंकर अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा की दिशा में केन्द्र ने कई कदम उठाए हैं। ईएसाईसी, ईपीएफओ को लेकर सरकार सख्त हुई है। इसमें पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब एक ही यूएएन नंबर के जरिए कर्मियों को उनके पीएफ खाते के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। इतना ही नहीं केन्द्र सरकार गैर संगठित(अन आर्गनाइज्ड सेक्टर) में भी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत और उन्हें पीएफ खाता से जोडऩे की तैयारी कर रही है।
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