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Energy: सौर ऊर्जा से जगमग होगी दीपावली, 1.3 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
Mon, 28 Oct 2024 06:58 PM IST
बशु जैन
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 28 Oct 2024 06:58 PM IST
सार
इस बार भी मार्केट में सौर ऊर्जा से जलने वाले दीये बाजार में उतर चुके हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, बहुत संभव है कि अगले वर्ष की दीपावली में सौर ऊर्जा से प्रकाशित दीपों से बाजार पट जाए।
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solar panel सोलर पैनल
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
हम परंपरागत तौर पर तेल को मिट्टी के दीये में जलाकर दीपावली मनाते आए हैं, लेकिन जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है, लोग इलेक्ट्रॉनिक दीयों और झालरों का इस्तेमाल कर दीपावली मनाने लगे हैं। लेकिन अब इससे भी आगे बढ़कर सौर ऊर्जा से जगमग होने वाले दीयों से दीपावली मनाने के लिए तैयार हो जाइये।
इस बार भी मार्केट में सौर ऊर्जा से जलने वाले दीये बाजार में उतर चुके हैं, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, बहुत संभव है कि अगले वर्ष की दीपावली में सौर ऊर्जा से प्रकाशित दीपों से बाजार पट जाए और दिवाली के त्योहार में निकलने वाले कार्बन फुटप्रिंट को बहुत कम करने में मदद मिल सके।
इस समय उपलब्धता
इस समय भी बाजार में कुछ सौर ऊर्जा दीपक उपलब्ध हैं। पांच सौ से सात सौ रुपये के बीच मिलने वाले इन दीपकों को दिन भर सौर ऊर्जा में रखने के बाद पांच से छः घंटे तक लगातार रोशनी प्राप्त की जा सकती है। कुछ दीपकों में रंग बदलने वाले और संगीत पैदा करने वाले सिस्टम भी लगे हैं। ऐसे दीये बाजार में ग्राहकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
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'कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मिलेगी मदद'
सौर ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी सर्वोटेक के एमडी रमन भाटिया ने अमर उजाला से कहा कि एलईडी लाइट्स के आविष्कार से अब रोशनी पैदा करने के लिए बहुत कम ऊर्जा की खपत होती है। यही कारण है कि अब एक दिन में सामान्य धूप में चार्ज होने वाली बैटरी से लगभग पूरी रात रोशनी प्राप्त की जा सकती है।
अभी यह शुरुआती दौर में है, लेकिन इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है, उससे लगातार लोग इसके विषय में जानकारी ले रहे हैं, और सौर ऊर्जा उपकरणों के उपयोग में बढ़त देखी जा रही है। एक बार इसका चलन सामान्य लोगों में प्रचलित हो जाने के बाद सौर ऊर्जा के दीपक लोगों की पहली पसंद बन सकते हैं क्योंकि इनकी लागत एक बार ही आएगी, उसके बाद ये लंबे समय तक उपयोग किए जा सकेंगे।
अभी मिल रही 78000 तक की सब्सिडी
केंद्र और राज्य सरकारों ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। इस समय सोलर रूफटॉप लगवाने पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। अब तक 18 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। केंद्र सरकार इसका लाभ एक करोड़ परिवारों तक ले जाना चाहती थी, लेकिन अब तक 1.30 करोड़ लोगों ने इसके विषय में जानकारी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि यह योजना बड़ी हिट साबित हो सकती है। इसका लाभ पूरे देश को मिल सकता है।
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इस बार भी मार्केट में सौर ऊर्जा से जलने वाले दीये बाजार में उतर चुके हैं, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, बहुत संभव है कि अगले वर्ष की दीपावली में सौर ऊर्जा से प्रकाशित दीपों से बाजार पट जाए और दिवाली के त्योहार में निकलने वाले कार्बन फुटप्रिंट को बहुत कम करने में मदद मिल सके।
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इस समय उपलब्धता
इस समय भी बाजार में कुछ सौर ऊर्जा दीपक उपलब्ध हैं। पांच सौ से सात सौ रुपये के बीच मिलने वाले इन दीपकों को दिन भर सौर ऊर्जा में रखने के बाद पांच से छः घंटे तक लगातार रोशनी प्राप्त की जा सकती है। कुछ दीपकों में रंग बदलने वाले और संगीत पैदा करने वाले सिस्टम भी लगे हैं। ऐसे दीये बाजार में ग्राहकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
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'कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मिलेगी मदद'
सौर ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी सर्वोटेक के एमडी रमन भाटिया ने अमर उजाला से कहा कि एलईडी लाइट्स के आविष्कार से अब रोशनी पैदा करने के लिए बहुत कम ऊर्जा की खपत होती है। यही कारण है कि अब एक दिन में सामान्य धूप में चार्ज होने वाली बैटरी से लगभग पूरी रात रोशनी प्राप्त की जा सकती है।
अभी यह शुरुआती दौर में है, लेकिन इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है, उससे लगातार लोग इसके विषय में जानकारी ले रहे हैं, और सौर ऊर्जा उपकरणों के उपयोग में बढ़त देखी जा रही है। एक बार इसका चलन सामान्य लोगों में प्रचलित हो जाने के बाद सौर ऊर्जा के दीपक लोगों की पहली पसंद बन सकते हैं क्योंकि इनकी लागत एक बार ही आएगी, उसके बाद ये लंबे समय तक उपयोग किए जा सकेंगे।
अभी मिल रही 78000 तक की सब्सिडी
केंद्र और राज्य सरकारों ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। इस समय सोलर रूफटॉप लगवाने पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। अब तक 18 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। केंद्र सरकार इसका लाभ एक करोड़ परिवारों तक ले जाना चाहती थी, लेकिन अब तक 1.30 करोड़ लोगों ने इसके विषय में जानकारी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि यह योजना बड़ी हिट साबित हो सकती है। इसका लाभ पूरे देश को मिल सकता है।