फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Divyang Uday conquered 'Mount Rainock', also hoisted the largest tricolor of 780 square feet

West Bengal: दिव्यांग उदय ने किया 'माउंट रेनॉक' फतह, 780 वर्ग फुट का सबसे बड़ा तिरंगा भी फहराया

Wed, 03 Apr 2024 05:38 PM IST
N Arjun एन अर्जुन
Updated Wed, 03 Apr 2024 05:38 PM IST
सार

इस सफलता पर एचएमआई के प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन जय किशन ने कहा, यह अभियान भारत के प्रधानमंत्री द्वारा समर्थित दूरदर्शी पहल की अभिव्यक्ति थी, जिसमें 'मेरा युवा भारत' और 'दिव्यांगजन' के बैनर तले विकलांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

विज्ञापन
Divyang Uday conquered 'Mount Rainock', also hoisted the largest tricolor of 780 square feet
'माउंट रेनॉक' - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कोलकाता के 35 वर्षीय उदय कुमार ने पश्चिम सिक्किम में कंचनजंगा के माउंट रेनॉक (16,500 फीट) पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली टीम का हिस्सा बनकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वे घुटने से ऊपर की दिव्यांग हैं। टीम ने वहां 780 वर्ग फुट का सबसे बड़ा भारतीय झंडा भी फहराया। इसके बाद माउंट रनॉक 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। 

विज्ञापन


इस सफलता पर एचएमआई के प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन जय किशन ने कहा, यह अभियान भारत के प्रधानमंत्री द्वारा समर्थित दूरदर्शी पहल की अभिव्यक्ति थी, जिसमें 'मेरा युवा भारत' और 'दिव्यांगजन' के बैनर तले विकलांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। हिमालय पर्वतारोहण संस्थान (एचएमआई), दार्जिलिंग द्वारा आयोजित इस अभियान का नेतृत्व और परिकल्पना किशन ने ही की थी। यह अभियान 5 मार्च को शुरू हुआ और 18 मार्च को समाप्त हुआ। 
विज्ञापन


किशन ने बताया कि कुमार ने खतरनाक ढलानों पर चढ़कर और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति का सामना करके अपने सामने आने वाली बाधाओं को पार करते हुए एक यात्रा शुरू की। उन्होंने टीम के सदस्यों के साथ बोल्डर, मोराइन, ढीली चट्टानों, बर्फ और कठोर बर्फ से सजी ऊपर और नीचे की ढलानों के माध्यम से लगभग 100 किलोमीटर की ट्रैकिंग की, 75 डिग्री के कोण वाली चोटी ने इस यात्रा को और कठिन बना दिया। इन कठिन चुनौतियों को पार करते हुए उदय ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
विज्ञापन
विज्ञापन


उदय की इस सफलता पर किशन ने कहा, यह जीत न केवल व्यक्तिगत जीत का प्रतीक है, बल्कि बाधाओं को लांघ कर जीत हासिल करने और साहस के नए मानक स्थापित करती है। उन्होंने कुमार की इस यात्रा को दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। किशन ने कहा, अगर हिम्मत, धैर्य और साहस के साथ, सबसे ऊंचे पहाड़ों को भी जीता जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed