सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजने पर दिव्यांगों का खड़ा होना अनिवार्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
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सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाने के आदेश के 10 दिनों बाद सुप्रीमकोर्ट ने दिव्यांगों के संबंध में एक स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके मुताबिक दिव्यागों को सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजने पर खड़े होने की जरूरत नहीं है।
न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने आज कहा कि दिव्यांग अपवाद हैं, जिन्हें फिल्म शुरू होने से पहले बजने वाले राष्ट्रगान पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा। आपको बता दें कि 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुए कहा था कि देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजेगा और मौजूद दर्शकों को राष्ट्रगान को सम्मान देने के लिए खड़े होना होगा।
इस दौरान सिनेमाघरों के तमाम दरवाजे बंद होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा कि इस पहल से लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रवाद का भाव प्रबल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दस दिनों के भीतर प्रभावी करने के लिए कहा था।
वहीं कोर्ट ने एक दलील के जवाब में साफ किया कि सिनेमाघरों की तरह राष्ट्रगान बजाए जाने का फैसला देश की अदालतों और बार काउंसिलों पर लागू नहीं होता है। कोर्ट ने साफ किया राष्ट्रगान बजाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी बाध्य नहीं है।
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह फैसला तब तक देश की अदालतों और बार काउंसिलों पर लागू नहीं होता जब तक की इस संबंध में उपर्युक्त याचिका नहीं आती और उस पर फैसला नहीं सुनाया जाता।
फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाने का फैसला कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सुनाया था।