कार मैकेनिक से हैलिकॉप्टर ठीक करवाना पायलट को पड़ा महंगा, डीजीसीए ने की कार्रवाई
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देश में एविएशन रेगुलेटरी बॉडी डीजीसीए ने खराब हेलिकॉप्टर को कार मैकेनिक से ठीक करवाने के मामले में पायलट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। डीजीसीए ने पायलट के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है।
पायलट को रोस्टर से भी बाहर कर दिया गया है। डीजीसीए फिलहाल मामले की जांच कर रहा है। दरअसल बीते शुक्रवार को डॉ डी वाई पाटिल एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन संजय पाटिल से मिलने कुछ मेहमान हेलिकॉप्टर से कोल्हापुर स्थित उनके बंगले पर पहुंचे थे।
पायलट ने हैलिकॉप्टर को उनके बंगले पर बने हैलिपैड पर लैंड कर दिया। जब मेहमानों के वापस जाने का समय हुआ तो हैलिकॉप्टर के पायलट ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण हैलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सकता।
'हैलिकॉप्टर को इतने करीब से देखा तक नहीं था'
कोल्हापुर में हैलिकॉप्टर ठीक करने की सुविधा नहीं होने की वजह से संजय पाटिल ने कार मैकेनिक इम्तियाज मोमिन और यूसुफ को कार ठीक करने के लिए बुलावा भेजा। दोनों उनके बंगले में पहुंच गए। इससे पहले दोनों ने कभी हैलिकॉप्टर को इतने करीब से देखा तक नहीं था।
इम्तियाज ने सबसे पहले पायलट की मदद से हैलिकॉप्टर के बारे में समझा। हैलिकॉप्टर की जांच करने पर उसे पता चला कि इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की वजह से हैलिकॉप्टर का इंजन बंद पड़ा है। उसने तुरंत इस फॉल्ट को ठीक कर दिया। जिसके बाद पायलट मेहमानों को लेकर रवाना हो गया।
आपको बता दें कि इम्तियाज और यूसुफ किसी भी तरह की कार को ठीक करने में माहिर हैं। उनका कोल्हापुर के बवड़ा इलाके में गराज भी है। लेकिन हैलिकॉप्टर को ठीक कर लेना किसी उपलब्धी से कम नहीं है।