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कुणाल कामरा पर कार्रवाई नियमों के अनुरुप : डीजीसीए
Wed, 29 Jan 2020 10:33 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Wed, 29 Jan 2020 10:33 PM IST
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Arnab Goswami, Kunal Kamra
- फोटो : social media
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इंडिगो के एक विमान में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को कथित रूप से परेशान करने के मामले में भारत की चार एयरलाइनों की ओर से कॉमेडियन कुणाल कामरा पर यात्रा प्रतिबंध लगाने के बाद, विमानन नियामक डीजीसीए ने बुधवार को कहा कि विमान कंपनियों की कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुरूप है।
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स्पाइस जेट, एअर इंडिया और गो एयर ने कामरा पर अगले नोटिस तक यात्रा पर रोक लगाई है, जबकि इंडिगो ने कामरा पर छह महीने का यात्रा प्रतिबंध लगाया है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा, 'यह दोहराया जाता है कि एयर लाइनों की ओर से की गई कार्रवाई उदंड यात्रियों से निपटने के लिए नागर विमानन आवश्यकता (सीएआर) की धारा -3, श्रेणी एम, खंड छह के पूरी तरह अनुरूप है।'
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बयान में कहा गया है कि सीएआर के पैरा 6.1 के मुताबिक, अब मामले को आंतरिक समिति को भेजा जाना चाहिए। आंतरिक समिति 30 दिन के अंदर अपना अंतिम निर्णय देगी और लिखित में कारण बताएगी, जो संबंधित एयरलाइन के लिए बाध्यकारी होगा। इसी सीएआर में विभिन्न प्रकार के उदंड व्यवहार के लिए सजा भी निर्धारित है और आंतरिक समिति को इसका पालन करना होगा।
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क्या कहता है नियम
- पायलट-इन-कमांड को शिकायत करनी होती है, जिसकी जांच आतंरिक समिति करती है।
- जांच समिति में रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट व सेशन जज चेयरमैन व प्रतिनिधियों के तौर पर शामिल होते हैं।
- जांच समिति में अन्य एयरलाइंस व यात्री संघ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाता है।
- जांच समिति 30 दिन के भीतर मामले पर फैसला लेना होता है और प्रतिबंध का समय भी बताना होता है।
- हालांकि जिस व्यक्ति पर प्रतिबंध लगता है, वह 60 दिनों के भीतर इसके खिलाफ अपील कर सकता है।
- इसके अलावा एयरलाइन को अन्य एयरलाइंस के साथ भी नो-फ्लाई की सूची को साझा करना होता है।