फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   DGCA data tells IndiGo flight cancellations impacted over nine lakh passengers in Dec

DGCA Report: इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से दिसंबर में नौ लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित, खुली एयलाइंस की पोल

Wed, 04 Feb 2026 08:47 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 04 Feb 2026 08:47 PM IST
सार

दिसंबर में उड़ान रद्द होने से 10 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए, जिनमें 9.82 लाख केवल इंडिगो से जुड़े थे। डीजीसीए के अनुसार एयरलाइनों ने मुआवजा और सुविधाओं पर 24 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए। देरी, बोर्डिंग से इनकार और शिकायतों के मामलों में भी दिसंबर का डेटा चिंताजनक तस्वीर दिखाता है। आइए जानते हैं आकड़ों की हकीकत।

विज्ञापन
DGCA data tells IndiGo flight cancellations impacted over nine lakh passengers in Dec
इंडिगो । - फोटो : X-@IndiGo6E

विस्तार

दिसंबर महीने में घरेलू हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को उड़ान रद्द होने की वजह से परेशानी उठानी पड़ी। नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में 10 लाख से ज्यादा यात्री फ्लाइट कैंसिलेशन से प्रभावित हुए। इनमें सबसे ज्यादा असर इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक कुल प्रभावित यात्रियों में 93 प्रतिशत से ज्यादा केवल इंडिगो से जुड़े थे।
विज्ञापन


कितने यात्री हुए प्रभावित, कितना खर्च हुआ?
डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में फ्लाइट कैंसिलेशन से 10.46 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। एयरलाइनों को इन यात्रियों के लिए मुआवजा और सुविधाओं पर कुल 24.27 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। इसमें अकेले इंडिगो की रद्द उड़ानों से 9.82 लाख यात्री प्रभावित हुए। इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों की सुविधा और मुआवजे पर 22.74 करोड़ रुपये खर्च किए। यह कुल खर्च का बड़ा हिस्सा है।
विज्ञापन


कैंसिलेशन रेट और इंडिगो की स्थिति क्या रही?
दिसंबर में सभी निर्धारित घरेलू एयरलाइनों की कुल उड़ान रद्द दर 6.92 प्रतिशत रही। वहीं इंडिगो की कैंसिलेशन दर इससे ज्यादा 9.65 प्रतिशत दर्ज की गई। दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े स्तर पर परिचालन व्यवधान का सामना करना पड़ा। इसका असर उसके बाजार हिस्से पर भी दिखा। इंडिगो की मार्केट शेयर नवंबर के 63.6 प्रतिशत से घटकर दिसंबर में 59.6 प्रतिशत रह गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- UP के संविदा शिक्षकों को राहत: सुप्रीम कोर्ट बोला- 17 हजार वेतन दो, सात हजार पर काम कराना बंधुआ मजदूरी

यात्रियों की शिकायतें और देरी का असर कितना रहा?
डीजीसीए के मुताबिक दिसंबर में घरेलू एयरलाइनों को कुल 29,212 यात्री शिकायतें मिलीं। यह औसतन प्रति 10 हजार यात्रियों पर करीब 20.41 शिकायतें बनती हैं। उड़ानों में देरी से भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। दिसंबर में फ्लाइट डिले से 8.34 लाख यात्री प्रभावित हुए। देरी की स्थिति में यात्रियों को सुविधा देने पर एयरलाइनों ने 4.50 करोड़ रुपये खर्च किए।


बोर्डिंग से इनकार और मुआवजा डेटा क्या कहता है?
रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर में 2,050 यात्रियों को एयरलाइनों ने बोर्डिंग देने से इनकार किया। इस मामले में मुआवजा और सुविधा पर 2.08 करोड़ रुपये खर्च किए गए। साल 2025 के जनवरी से दिसंबर के बीच घरेलू एयरलाइनों ने कुल 1,669.46 लाख यात्रियों को यात्रा कराई। यह पिछले साल की समान अवधि से 3.48 प्रतिशत ज्यादा है, हालांकि मासिक आधार पर 4.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

किन एयरलाइनों का मार्केट शेयर बढ़ा?
दिसंबर में एयर इंडिया समूह और अकासा एयर का बाजार हिस्सा बढ़ा। एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़कर 29.6 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 26.7 प्रतिशत थी। अकासा एयर की हिस्सेदारी 5.2 प्रतिशत रही, जो पहले 4.7 प्रतिशत थी। स्पाइसजेट का मार्केट शेयर भी 3.7 प्रतिशत से बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गया। अलायंस एयर की हिस्सेदारी 0.4 प्रतिशत पर स्थिर रही।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article