ताज के दीदार के लिए निर्धारित होंगे घंटे, हर फेज के लिए अलग-अलग टिकट
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अब ताजमहल के दीदार के लिए घंटे तय होने जा रहे हैं। ताजमहल देखने आने वाली भीड़ के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इस पर तेजी से काम कर रहा है।
संभव है कि इसके बाद अन्य धरोहरों को देखने के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए भी समय-सीमा निर्धारित की जाए। एएसआई का मानना है कि अत्यधिक भीड़ के कारण न केवल ताज परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कत होती है बल्कि पर्यटकों को भी परेशानी होती है।
इसी के मद्देनजर रोजाना चार फेज में पर्यटकों को ताज का दीदार कराया जाएगा। अब पर्यटकों को तीन-चार घंटे से अधिक ताज परिसर के भीतर रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जल्द ही इस संबंध में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
अलग-अलग रंग के टिकट होंगे जारी
साथ ही हर फेज के लिए अलग-अलग रंग के टिकट जारी किए जाएंगे। अलग-अलग रंग के टिकट जारी करने के पीछे मकसद यह है कि एक फेज के पर्यटक दूसरे फेज के पर्यटकों के साथ घुल-मिल न सकें। वर्तमान व्यवस्था के तहत ताजमहल का दीदार करने वाले पर्यटकों के लिए परिसर में रहने की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
एक बार ताज परिसर के भीतर दाखिल होने के बाद वह घंटों अंदर रह सकते हैं। पर्यटक तब तक रह सकते हैं जब तक कि परिसर बंद न हो जाए। ऐसा भी देखा जाता है कि एक बार टिकट लेकर कई लोग देर शाम तक परिसर के भीतर रहते हैं।
वास्तव में सोमवार को ताज ट्रेेपिज्यम जोन (टीटीजेड) मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एएसआई की ओर से पेश वकील एडीएन राव से यह जानना चाहा कि ताजमहल परिसर में क्या पर्यटकों के लिए कोई समय सीमा है। जिस पर एडीएन राव ने बताया कि जल्द ही ऐसा होने जा रहा है।