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12 किमी पैदल चलने के बावजूद गर्भवती पत्नी को समय पर एंबुलेंस तक नहीं पहुंचा पाया, नवजात की मौत

Wed, 01 Aug 2018 08:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Updated Wed, 01 Aug 2018 08:37 AM IST
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Despite walking 12 km pregnant wife could not reach the ambulance in andhra pradesh

आंध्र प्रदेश के विजयानगरम में आठ महीने की गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचाने के लिए पति को 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। लेकिन फिर भी वो समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाया और रास्ते में ही डिलीवरी हो गई, जिससे नवजात बच्चे की मौत हो गई। जबकि पत्नी की हालत नाजुक है।

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यह घटना विजयानगरम के आदिवासी इलाके की है। दरअसल, यहां एक आठ माह की गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। लेकिन महिला का घर पहाड़ पर होने की वजह से वहां आने-जाने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां तक आने के लिए कोई सड़क भी नहीं बनी है। हालांकि घर से 12 किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे सड़क पर एंबुलेंस खड़ी थी। अब सबसे बड़ी दुविधा थी वहां तक गर्भवती को पहुंचाना।
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इसके लिए महिला के पति ने एक बांस की डलिया बांधी और उसे कंधों पर लेकर पहाड़ से नीचे एंबुलेंस तक पहुंचने के लिए चल दिया। लेकिन रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। मौके पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण नवजात बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि महिला को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
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आदिवासी इलाकों में काम करनेे वाले एक एनजीओ का कहना है कि सरकार को ऐसे दुर्गम इलाकों में गर्भवती महिलाओं के लिए न्यूट्रिशियन सेंटर बनाने की जरूरत है। साथ ही सातवें माह से डिलीवरी होने तक महिलाओं को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाए, ताकि आगे स्थिति पैदा न हो।

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