कर्नाटक: कांग्रेस के आरवी देशपांडे बन सकते हैं प्रोटेम स्पीकर, राज्यपाल को भेजा गया नाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Updated Fri, 18 May 2018 03:50 PM IST
रघुनाथ विश्वनाथ देशपांडे
रघुनाथ विश्वनाथ देशपांडे
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कांग्रेस और जेडीएस की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को निर्देश दिए हैं कि वह शनिवार दोपहर 4 बजे तक सदन में बहुमत साबित करें। सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य होने की वजह से कांग्रेस के विधायक रघुनाथ विश्वनाथ देशपांडे को प्रोटेम स्पीकर के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है। विधानसभा सचिवालय की तरफ से देशपांडे का नाम राज्यपाल वजुभाई वाला को विचार के लिए भेजा गया है। 
नियम के अनुसार सदन के सबसे वरिष्ठ नेता को प्रोटेम स्पीकर के तौर पर चुना जाता है। उनका मुख्य कार्य नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाना होता है। किसी शख्स का नाम सिफारिश के लिए भेजते समय यह जरूर देखना होता है कि वह उस समय स्पीकर या मंत्रीपद का उम्मीदवार ना हो। प्रोटेम स्पीकर को यह फैसला लेना होता है कि सदन में बहुमत ध्वनि के जरिए या बैलेट के जरिए करवाना है। 

71 साल की उम्र में आठ बार के विधायक रहे देशपांडे सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। इस समय सदन की वर्तमान सदस्य संख्या 222 है और किसी भी पार्टी को जादुई आंकड़े को हासिल करने के लिए 112 सदस्यों का समर्थन चाहिए। कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन का दावा है कि उनके पास 116 विधायकों का समर्थन है वहीं भाजपा के पास 104 विधायक है और वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन उसके पास 8 विधायकों की कमी है।

हालांकि भाजपा सूत्रों का कहना है कि पूर्व स्पीकर जगदीश शेट्टार और केजी बोपाया और पूर्व मंत्री विश्वेशवर हेगड़े कागेरी का नाम भी प्रोटेम स्पीकर की रेस में है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बीएल शंकर ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर तब तक स्पीकर की भूमिका निभाता है जबतक दूसरा नहीं आ जाता।

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