सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की बढ़ाई पैरोल, 600 करोड़ करने होंगे जमा
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सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह प्रमुख की पैरोल की अवधि अगले वर्ष छह फरवरी तक बढ़ाते हुए 600 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। रकम न जमा करने की स्थिति में सहारा प्रमुख को जेल जाना होगा। वहीं समूह की ओर से रकम जमा करने का नया प्लान पेश किया गया।
इसके साथ ही चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सेबी और अमाइकस क्यूरी से सहारा समूह के नए प्लान पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इससे पहले सहारा प्रमुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पीठ को बताया कि अब तक करीब 11 हजार करोड़ रुपये सेबी के खाते में जमा कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शेष रकम ढाई वर्ष में जमा करा दी जाएगी। हालांकि सेबी का कहना था कि समूह पर अब भी करीब 14 हजार करोड़ रुपये की देनदारी है। जवाब में पीठ ने समूह से कहा कि अगले दो महीने में एक हजार करोड़ रुपये जमा कराए जाएं। इस पर सिब्बल ने कहा कि फिलहाल बाजार की स्थिति ठीक नहीं है, जिसके बाद अदालत ने समूह को छह फरवरी तक 600 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश देते हुए सुब्रत राय की पैरोल बढ़ा दी।
चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि यह मामला इतिहास है
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि यह मामला इतिहास है। इस मामले में अब तक कई आदेश पारित किए गए। पीठ ने कहा कि सहारा समूह का कहना था कि उसके पास 1.87 लाख करोड़ की संपत्ति है लेकिन करीब 20 हजार करोड़ के लिए सुब्रत राय करीब ढाई वर्ष तक जेल में रहे।
पीठ ने सिब्बल से यह भी जानना चाहा कि मां के निधन के बाद सहारा प्रमुख को मिली पैरोल के बाद अब तक कितनी रकम सेबी के खाते में जमा कराई गई। जवाब में सिब्बल ने कहा कि 1200 करोड़ रुपये।