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डेंगू के कहर में पिछले वर्षों के मुकाबले आई कमी, विशेषज्ञों ने लोगों की जागरूकता को दिया श्रेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:37 PM IST
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दिल्ली में डेंगू के मरीजों की संख्या में पिछले सालों की तुलना में काफी कमी आई है। इस वर्ष अब तक सिर्फ 343 डेंगू के मरीजों का पता चला है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक 1465 मरीजों का पता चल चुका था। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका श्रेय लोगों के बीच आई जागरूकता को दिया जा सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता भी इसके लिए जिम्मेदार है।
कीट विज्ञानी बबिता बिष्ट ने कहा कि इस वर्ष उम्मीद की जा रही थी कि डेंगू ज्यादा हमलावर हो सकता है क्योंकि वह अपनी एक सायकिल पूरी कर चुका है, लेकिन अच्छी बात है कि इस तरह का असर अब तक देखने को नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार दवाओं का छिड़काव किया है और जागरूकता अभियान चलाया है। इसका सीधा असर डेंगू बुखार के पीड़ितों की संख्या में आयी कमी के रूप में देखा जा सकता है।
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बबिता बिष्ट ने बताया कि अभी भी मच्छरों से होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया बुखार के लिए उपयुक्त मौसम बना हुआ है। इसलिए अभी भी लोगों को इससे सतर्क रहना चाहिए और पूरी बांह के कपड़े ही पहनने चाहिए। उनके मुताबिक अक्टूबर-नवंबर का महीना भी मच्छरों के लिए काफी उपयुक्त होता है।
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कीट विज्ञानी बबिता बिष्ट ने कहा कि इस वर्ष उम्मीद की जा रही थी कि डेंगू ज्यादा हमलावर हो सकता है क्योंकि वह अपनी एक सायकिल पूरी कर चुका है, लेकिन अच्छी बात है कि इस तरह का असर अब तक देखने को नहीं मिला है।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार दवाओं का छिड़काव किया है और जागरूकता अभियान चलाया है। इसका सीधा असर डेंगू बुखार के पीड़ितों की संख्या में आयी कमी के रूप में देखा जा सकता है।
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बबिता बिष्ट ने बताया कि अभी भी मच्छरों से होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया बुखार के लिए उपयुक्त मौसम बना हुआ है। इसलिए अभी भी लोगों को इससे सतर्क रहना चाहिए और पूरी बांह के कपड़े ही पहनने चाहिए। उनके मुताबिक अक्टूबर-नवंबर का महीना भी मच्छरों के लिए काफी उपयुक्त होता है।
पिछले साल की तुलना में इतने मरीज हुए कम
डेंगू पीड़ित मरीज
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते सप्ताह यानी 22 सितंबर तक डेंगू के कुल 343 मरीजों की पहचान की जा चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा 236 लोग इसी सितंबर माह में बीमार हुए हैं जबकि अगस्त माह में कुल 58 मरीजों का पता चला था। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी कम है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 1465 मरीजों की पहचान की जा चुकी थी।
मच्छरों के कारण होने वाली दूसरी प्रमुख बीमारी मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। बीते सप्ताह तक दिल्ली में मलेरिया के 256 मरीज सामने आ चुके हैं। इस माह मलेरिया के सबसे ज्यादा मरीज दक्षिण दिल्ली से सामने आए हैं जहां 30 लोगों को मलेरिया बुखार हुआ है। पूर्वी दिल्ली में भी 24 लोगों को इसने अपनी चपेट में लिया है।
पूरी दिल्ली में सितंबर माह में अब तक 86 लोगों को मलेरिया बुखार हुआ है। चिकुनगुनिया बुखार के मामले में भी इस वर्ष अब तक 68 नए मरीजों का पता चला है। जिसमें सिर्फ सितंबर माह में 24 लोगों को चिकुनगुनिया बुखार हुआ है।
चिकुनगुनिया के मामले में 2016 का साल ज्यादा तकलीफदेह साबित हुआ था जब 1911 मरीजों का पता चला था। इसके अगले वर्ष यानी 2015 में सिर्फ 315 लोगों को ही चिकुनगुनिया हुआ था।
मच्छरों के कारण होने वाली दूसरी प्रमुख बीमारी मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। बीते सप्ताह तक दिल्ली में मलेरिया के 256 मरीज सामने आ चुके हैं। इस माह मलेरिया के सबसे ज्यादा मरीज दक्षिण दिल्ली से सामने आए हैं जहां 30 लोगों को मलेरिया बुखार हुआ है। पूर्वी दिल्ली में भी 24 लोगों को इसने अपनी चपेट में लिया है।
पूरी दिल्ली में सितंबर माह में अब तक 86 लोगों को मलेरिया बुखार हुआ है। चिकुनगुनिया बुखार के मामले में भी इस वर्ष अब तक 68 नए मरीजों का पता चला है। जिसमें सिर्फ सितंबर माह में 24 लोगों को चिकुनगुनिया बुखार हुआ है।
चिकुनगुनिया के मामले में 2016 का साल ज्यादा तकलीफदेह साबित हुआ था जब 1911 मरीजों का पता चला था। इसके अगले वर्ष यानी 2015 में सिर्फ 315 लोगों को ही चिकुनगुनिया हुआ था।