फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Demand for change in pesticide management bill, companies expressed fear of returning Inspector Raj

अब कीटनाशक प्रबंधन बिल में बदलाव की मांग, कंपनियों ने जताई इंस्पेक्टर राज लौटने की आशंका

Thu, 17 Dec 2020 04:08 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 17 Dec 2020 04:08 AM IST
विज्ञापन
Demand for change in pesticide management bill, companies expressed fear of returning Inspector Raj
कीटनाशक प्रबंधन बिल में भी बदलाव की मांग (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई

कृषि कानूनों के बाद अब कीटनाशक प्रबंधन बिल में भी बदलाव जोर पकड़ रही है। ये मांग किसान नहीं, बल्कि कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों ने की है। कीटनाशक प्रबंधन बिल, 2020 बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में पेश किया गया था और अगले बजट सत्र में इसे पारित करने की संभावना है।

विज्ञापन


कंपनियों का मानना है कि इस कानून से उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। कीटनाशक निर्माताओं के संगठन क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीसीएफआई) का कहना है कि बिल में बहुत सी बातों को अस्पष्ट रखा गया है जिससे इंस्पेक्टर राज के लौटने की आशंका है।
विज्ञापन



सीसीएफआई की तकनीकी कमेटी के अध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि बिल में सैंपल एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं बताई गई है, लेकिन यदि सैंपल दोषपूर्ण पाया गया तो निर्माता को जुर्माने के साथ ही जेल की सजा का भी प्रावधान है। साथ ही कंपनी का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। यदि कोई कंपनी 40-45 उत्पाद बनाती है तो एक सैंपल खराब पाए जाने पर पूरी फैक्टरी बंद कर देना कितना उचित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संगठन ने बिल में 15 कमियां निकाली हैं और इन्हें दूर करने के लिए सरकार से लेकर विपक्ष तक अर्जी लगा रहे हैं। लेकिन चूंकि विधेयक संसद में पेश हो चुका है इसलिए सभी ने अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। अजीत के मुताबिक, अगर यह बिल कानून बनता है तो भारत की आधी से ज्यादा कीटनाशक निर्माता इकाइयां बंद होने के कगार पर होंगी।


20 हजार करोड़ का है निर्यात
भारत दुनिया में चौथा सबसे बड़ा कीटनाशक निर्माता देश है और एशिया का सबसे बड़ा। हर वर्ष 40 हजार करोड़ रुपये का 9 लाख टन कीटनाशक बनाया जाता है। इसमें से आधे से ज्यादा निर्यात किया जाता है। देश में सबसे अधिक कीटनाशक धान (28 प्रतिशत) और कपास (20 प्रतिशत) की फसल में इस्तेमाल होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed