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भ्रामक विज्ञापनों के लिए ब्रांड एंबेसडरों को भी जिम्मेदार बनाए जाने की मांग
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 05 Mar 2018 03:24 AM IST
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अखिल भारतीय ट्रेडर्स परिसंघ (कैट) ने भ्रामक विज्ञापनों और सेलेब्रिटी द्वारा उनके प्रचार से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है। कैट ने उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान से मांग की है कि संसद के समक्ष लंबित पड़े उपभोक्ता संरक्षण बिल में इन मामलों का उचित ढंग से निवारण किया जाना चाहिए। पासवान को लिखे एक पत्र में कैट ने इस बिल को प्राथमिकता के आधार पर लेने और संसद के इसी सत्र में पास कराने की मांग की है।
ट्रेडर्स की संस्था ने कहा कि किसी उत्पाद के प्रचार में किसी सेलेब्रिटी को शामिल करना आम बात हो गई है। इस तरह के विज्ञापनों से उत्पाद की गुणवत्ता को देख बगैर ग्राहक उसे लेकर भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि उपभोक्ता संरक्षण बिल में ब्रांड एंबेसडरों को भी उन उत्पादों के लिए जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए, जो इनका विज्ञापन करते हैं।
इसमें कहा गया है कि इस बिल में इस तरह की अनुचित प्रथा को खत्म किया जाना चाहिए और एक सशक्त केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अथॉरिटी का गठन होना चाहिए। कैट के अनुसार, नए उपभोक्ता संरक्षण बिल को संसद में 2015 में पेश किया गया था। बाद में इसे कैबिनेट ने संशोधनों के साथ मंजूरी दे दी थी। इसके बावजूद यह संसद में पास होने के इंतजार में है।
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ट्रेडर्स की संस्था ने कहा कि किसी उत्पाद के प्रचार में किसी सेलेब्रिटी को शामिल करना आम बात हो गई है। इस तरह के विज्ञापनों से उत्पाद की गुणवत्ता को देख बगैर ग्राहक उसे लेकर भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि उपभोक्ता संरक्षण बिल में ब्रांड एंबेसडरों को भी उन उत्पादों के लिए जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए, जो इनका विज्ञापन करते हैं।
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इसमें कहा गया है कि इस बिल में इस तरह की अनुचित प्रथा को खत्म किया जाना चाहिए और एक सशक्त केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अथॉरिटी का गठन होना चाहिए। कैट के अनुसार, नए उपभोक्ता संरक्षण बिल को संसद में 2015 में पेश किया गया था। बाद में इसे कैबिनेट ने संशोधनों के साथ मंजूरी दे दी थी। इसके बावजूद यह संसद में पास होने के इंतजार में है।
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