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जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की पहली बैठक, पहाड़ी इलाकों को उचित प्रतिनिधित्व पर जोर

Fri, 19 Feb 2021 03:29 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 19 Feb 2021 03:29 AM IST
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Delimitation Commission holds first meeting with J&K MPs NC leaders not present
Delimitation Commission meeting - फोटो : ANI

जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग की पहली बैठक में सदस्यों ने चेयरपर्सन रंजना देसाई से परिसीमन के दौरान राज्य की सांविधानिक जरूरतों के साथ इलाके की भौगोलिक दिक्कतों पर भी ध्यान देने का अनुरोध किया। दिल्ली के अशोका होटल में आयोग की पहली बैठक में नेशनल कांफ्रेंस ने विरोधस्वरूप हिस्सा नहीं लिया।

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बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह और जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लोगों की सियासी समझ और इलाके के विकास की जरूरतों को ध्यान में रखकर सीटों का बंटवारा किया जाना चाहिए।
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उन्होंने परिसीमन के दौरान मौजूदा संचार व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान रखने का भी अनुरोध किया। सदस्यों ने केंद्र शासित प्रदेश के दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों की आबादी को विशेषतौर पर ध्यान रखने का अनुरोध किया। चेयरपर्सन रंजना देसाई ने कहा कि सभी सदस्यों को बैठक की पूर्व सूचना दी गई थी, लेकिन बृहस्पतिवार की बैठक में केवल दो ही सदस्यों ने हिस्सा लिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम-2019 और परिसीमन अधिनियम 2002 के आधार पर होने वाले परिसीमन की प्रक्रिया का खाका पेश किया। बैठक में जनता से सुझाव देने का अनुरोध किया गया।
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सीटों की संख्या बढ़ाकर 87 करने का प्रस्ताव
जम्मू कश्मीर के परिसीमन में सीटों की संख्या 76 से बढ़ाकर 87 करने का प्रस्ताव है। दो सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का भी प्रस्ताव है। गौरतलब है कि 24 सीटें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए आरक्षित हैं। जम्मू की 32 विधानसभा सीटों को बढ़ाकर 37 और कश्मीर की 42 सीटों को बढ़ाकर 46 किया जा सकता है।

जिन्हें जनता की फिक्र वो बैठक में आते हैं : मंत्री
परिसीमन आयोग की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और आयोग के सदस्य डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि जनता की नुमाइंदगी करते हैं, इसलिए बैठक में शामिल हुए। जिन्हें जनता के बजाय राजनीति की फिक्र है, वह बैठक में शामिल नहीं होते। दरअसल, नेशनल कांफ्रेंस ने तीन पेज की चिट्ठी लिखकर आयोग से बैठक को टालने का अनुरोध किया था।


नेशनल कांफ्रेंस के मोहम्मद अकबर लोन ने कहा कि हम केंद्र शासित प्रदेश बनने के पक्षधर नहीं हैं, इसलिए बैठक में हिस्सा नहीं लिया। सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में हुई बैठक में चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा, जम्मू-कश्मीर के चुनाव आयुक्त केके शर्मा, एसोसिएट सदस्य डॉ जितेंद्र सिंह और जुगल किशोर शर्मा ने हिस्सा लिया।

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