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Delhi Stampede: हादसे के बाद कई लोगों के बारे में नहीं मिल रही जानकारी, घायलों के इलाज में लापरवाही का आरोप

Sun, 16 Feb 2025 04:07 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 16 Feb 2025 04:07 PM IST
सार

मुदीम ने बताया कि उनके भाई जहां भी जाते थे, वे फोन कर परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दे दिया करते थे, लेकिन कल शाम को हुई दुर्घटना के बाद से उनका कहीं कोई पता नहीं है। 

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delhi stampede victims said unable to trace family members administration not giving help
दिल्ली भगदड़ में पीड़ितों के परिजनों के आरोप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ में अभी भी कई लोग ऐसे हैं, जिनकी अभी तक कोई सूचना नहीं है कि वे किस हालत में हैं। बिहार के रहने वाले नदीम भी उन लोगों में शामिल हैं जिनके बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं है कि वे कहां हैं और किस हालत में हैं। नदीम के भाई मुदीम ने बताया कि उनके भाई भी प्रयागराज ट्रेन से कानपुर जाने के लिए घर से निकले थे। दुर्घटना घटने के बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे कई अस्पतालों में जाकर अपने भाई की फोटो दिखाकर लोगों से उनके बारे में पूछताछ कर रहे हें, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पा रहा है। 
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कई लोगों के बारे में नहीं मिल रही जानकारी
मुदीम ने बताया कि उनके भाई जहां भी जाते थे, वे फोन कर परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दे दिया करते थे, लेकिन कल शाम को हुई दुर्घटना के बाद से उनका कहीं कोई पता नहीं है। कल से अब तक उनका कोई फोन भी नहीं आया है। ऐसे में किसी अनहोनी को लेकर उनका पूरा परिवार चिंतित है और परिवार के लोगों की हालत खराब है। श्याम, सोनिया विहार के पहले पुस्ते के पास रहते हैं। एक दल के साथ उनकी भाभी प्रयागराज जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन दुर्घटना के बाद उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। साथ के कुछ लोगों की आशंका है कि उनकी भाभी भी उस हादसे का शिकार हो गई हैं जिसमें 18 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन उनकी फोटो दिखाने के बाद भी कोई अस्पताल प्रशासन या पुलिस उनके मौत के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहा है। उनके परिवार के लोग उनके बारे में पता कर रहे हैं, लेकिन उनके विषय में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। 
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'पिता का सही तरीके से नहीं हो रहा इलाज'
नीतू के पिता रामबहादुर राम मनोहर अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनका आरोप है कि पिता का सही तरीके से इलाज नहीं किया जा रहा है। नीतू का कहना है कि कल के हादसे में उनके पिता की नाक की हड्डी टूट गई है। वे पिता के इलाज के लिए यहां-वहां भटक रही हैं। लेकिन अस्पताल के लोग उनसे इस बात का सबूत मांग रहे हैं कि क्या उनके पिता भी कल ट्रेन से हुए हादसे में ही पीड़ित हुए थे। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि कल वे सब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे, लेकिन कोई उनकी बात सुनने मानने के लिए तैयार नहीं है। उनका आरोप है कि उनके पिता का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। 
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एक दर्जन पीड़ित भर्ती
राममनोहर लोहिया अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में करीब एक दर्जन पीड़ित भर्ती हैं और उन सबका इलाज चल रहा है। हालांकि, इस बात पर संतोष जाहिर किया गया है कि अब सभी भर्ती मरीज खतरे से बाहर हैं। कुछ अन्य अस्पतालों में भी कुछ पीड़ितों का इलाज चल रहा है। अस्पतालों के स्तर पर उन्हें हर संभव इलाज और मदद देने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी घायलों की जानकारी ली है और उनके इलाज की पूरी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। 
 
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