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बड़ा फैसला: 351 रक्षा उपकरणों के आयात पर लगाया प्रतिबंध, आत्मनिर्भर भारत की ओर महत्वपूर्ण कदम

Wed, 29 Dec 2021 04:01 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 29 Dec 2021 04:01 PM IST
सार

रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय ने 351 वस्तुओं की एक सूची जारी की जिन पर तय समय सीमा के तहत प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है।

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Defence Ministry puts restrictions on import of 351 items under staggered timeline news in Hindi
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए और 351 रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। इन उपकरणों में कई उप प्रणालियां और रक्षा उत्पादन के घटक शामिल हैं। अगले साल दिसंबर से शुरू होने वाली समय सीमा के तहत  इन उपकरणों के आयात की अनुमति नहीं होगी। पिछले 16 महीनों में रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई यह तीसरी सूची है। 

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यह कदम भारत को सैन्य प्लेटफॉर्म और उपकरणों के उत्पादन का केंद्र बनाने के लक्ष्य के तहत उठाया गया है। इसके साथ ही मंत्रालय 2500 वस्तुओं की एक और सूची भी जारी कि जिनका पहले ही स्वदेशीकरण किया जा चुका है। मंत्रालय के अनुसार इन कदमों से आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य की ओर देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
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रक्षा उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सैन्य साजो-सामान स्वदेशी हो चुके हैं। रक्षा उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए मंत्रालय की ओर से लगातार सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। बयान के अनुसार अगले तीन वर्षों में अभी तक आयात की जाने वाली इन 351 वस्तुओं का स्वदेशीकरण किया जाएगा।
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351 उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध की यह है योजना
इसे लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से अधिसूचना सोमवार को जारी की गई थी। मंत्रालय के अनुसार 351 उपकरणों में से 172 वस्तुओं के पहले सेट पर अगले साल दिसंबर से प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। 89 उपकरणों के दूसरे सेट पर प्रतिबंध दिसंबर 2023 तक लागू किए जाएंगे। वहीं, 90 उपकरणों के तीसरे सेट के आयात पर दिसंबर 2014 तक प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

इन उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक 
नई सूची में जिन वस्तुओं को सूची में रखा गया है उनमें लेजर वार्निंग सेंसर, हाई प्रेशर चेक वाल्व, हाई प्रेशर ग्लोब वाल्व, ड्रेनेज इंट्रूशन डीटेक्शन सिस्टम, कई तरह की केबल, सॉकेट और वोल्टेज कंट्रोल ऑस्किलेटर शामिल हैं। 

यूं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा रक्षा उद्योग 
देश को रक्षा उत्पादन का गढ़ बनाने की दिशा में सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई कदम उठाये। पिछले साल अगस्त में सरकार ने  2024 तक 101 हथियारों और रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाने का एलान किया। इसमें वाहक विमान, हल्के लड़ाकूू हेलिकॉप्टर, पनडुब्बियां, क्रूज मिसाइल और सोनार सिस्टम शामिल हैं। 

  • मई 2021 में रक्षा मंत्रालय ने दूसरी सूची जारी की जिसमें 108 हथियारों और विभिन्न रक्षा प्रणालियां शामिल थीं। इनमें अगली पीढ़ी के कोेर्वेट, हवाई पूर्व चेतावनी प्रणाली, टैंक इंजन और राडार शामिल थे। 
  • मई 2020 में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लिमिट को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया था। इससे स्वदेशी कंपनियों में विदेशी निवेश का रास्ता खुला ओर रक्षा उपकरणों का ज्यादा मात्रा में देश में ही उत्पादन की राह खुली। 

दुनिया के बड़े रक्षा आयातकों में है भारत  

  • 130 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करेगा भारत अगले पांच साल में रक्षा उपकरणों की खरीद पर
  • 25 अरब डॉलर करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये के स्वदेशी रक्षा उत्पादन का लक्ष्य रखा है सरकार ने अगले पांच साल के लिए। इसमें 5 अरब डॉलर यानी 35 हजार करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों का निर्यात लक्ष्य शामिल है।
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