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पांच साल में रक्षा मंत्रालय ने देसी रक्षा उद्योग को लगाए पंख, कई परियोजनाओं में मिली हिस्सेदारी

Thu, 05 Dec 2019 08:30 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 05 Dec 2019 08:30 PM IST
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Defence ministry given major important contracts to domestic defence industry
Defence Expo - फोटो : File
पांच सालों में (2014-2019) रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं की जरूरत को पूरा करने के लिए देशी रक्षा उद्योग को करीब एक लाख 96 हजार करोड़ रुपये मूल्य की रक्षा परियोजनाओं का हिस्सा बनाया है। मंझगाव डाकयार्ड मुंबई, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड को फ्रिगेट तो हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड को एडवांस लाइटवेट हेलीकाप्टर की आपूर्ति का जिम्मा दिया गया है। वहीं नवंबर 2019 में आडिनेंस फैक्ट्रीबोर्ड को 464 टी-90एस/एसकेएस टैंक तैयार करने जिम्मा सौंपा गया है।
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रक्षा मंत्रालय से मिली गई जानकारी के अनुसार वायुसेना में सात स्क्वाड्रान आकाश मिसाइल को शामिल करने का निर्णय हुआ है। अक्टूबर 2019 में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड को आकाश मिसाइल की आपूर्ति करने का 6300 करोड़ रुपये का सौदा दिया गया है। हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड को करीब 14100 करोड़ रुपये की लागत का वायुसेना के लिए 41 तथा नौसना के लिए 32 एडवांस लाइटवेट हेलीकाप्टर का आपूर्ति सौदा आवंटित हुआ है। इंटीग्रेटेड एडवांस कमान एंड कंट्रोल सिस्टम पर भी करीब 7,900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

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देशी रक्षा क्षेत्र की कंपनी को सबसे बड़े रक्षा सौदों में 464 टी-90एस/एसकेएस टैंक तैयार करने का सौदा है। यह सार्वजनिक क्षेत्र की आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को मिला है और इसकी लागत 19100 करोड़ रुपये होगी। इसी क्रम में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत सेना के लिए 4300 करोड़ रुपये की लागत से 100 सेल्फ प्रपोल्ड गन (155 एमएम, 52 कैलिबर) तैयार करने की परियोजना लार्सन एंड टुब्रो को मिली है। 17ए क्लास का फ्रिगेट मंझगांव डाकयार्ड में तो पी1135.6 क्लास के दो फ्रिगेट गोवाशिपयार्ड में तैयार हो रहे हैं।

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इसके अलावा सैन्य बलों के लिए बुलट प्रूफ जैकट, हेलमेट समेत अन्य जरूरी संसाधनों को उपलब्ध कराने के लिए देशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनमें से अधिकांश रक्षा सौदे सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों को मिले हैं। निजी क्षेत्र की कंपनियों में एमकेयू, एसएमपल्प जैसी कंपनियों के पास बुलट प्रूफ जैकेट, हेलमेट आदि का आपूर्ति का सौदा है।

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