दसवां डिफेंस एक्सपो शुरू, भारत दिखा रहा दुनिया को अपनी ताकत
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देश में हथियारों का सबसे बड़ा मेला डिफेंस एक्सपो बुधवार से चेन्नई के बाहरी इलाके थिरुविदंदाई में शुरू हो गया। चार दिन तक चलने वाले एक्सपो में रक्षा साजोसामान बनाने वाली 670 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इस बार भारत अपनी रक्षा निर्यात क्षमता दिखा रहा है।
दसवें डिफेंस एक्सपो की थीम ‘इमर्जिंग डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब’ है। इसके अलावा, सबकी नजर भारतीय सेना के अरबों डॉलर के आधुनिकीकरण कार्यक्रम पर है। सरकार डिफेंस एक्सपो को भारतीय सेनाओं के ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में पहला गंभीर प्रयास दिखाने की कोशिश कर रही है। वह दुनिया में हथियारों एवं सैन्य उपकरणों की सबसे बड़े खरीदार को सैन्य साजोसामान के निर्माण का केंद्र बनाना चाहती है। भारत बड़े पैमाने पर रक्षा सामान निर्यात करने की तैयारी में है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट में कहा, ‘पहली बार डिफेंस एक्सपो में भारत अपनी रक्षा निर्यात क्षमता दिखाएगा।’
जल, थल, नभ की ताकत का प्रदर्शन
डिफेंस एक्सपो में भारत जल, थल, नभ के लिए स्वदेशी प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। हथियारों एवं रक्षा प्लेटफार्म के अलावा लड़ाकू विमान तेजस, डीआरडीओ द्वारा तैयार आधुनिक आर्टिलरी तोप सिस्टम (एटीएजीएस) अर्जुन मार्क 2 और धनुष का प्रदर्शन किया जाएगा।
डीआरडीओ लांचर के साथ निर्भय मिसाइल सिस्टम, मानवरहित जमीनी वाहन (एयूजीवी), मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन मार्क-1, अस्त्र मिसाइल, कम ऊंचाई पर ले जाया जाने वाला रडार (एलएलटीआर) प्रणाली, मीडियम पावर रडार (एमपीआर) सिस्टम और पनडुब्बी रोधी मिसाइल वरुणास्त्र को भी प्रदर्शित करेगा।
300 अरब डॉलर के रक्षा सौदों पर नजर
ऐसा माना जा रहा है कि भारत अगले पांच साल में रक्षा उपकरणों की खरीद पर 300 अरब डॉलर खर्च करेगा। रक्षा उपकरण बनाने वाली दुनिया की सभी दिग्गज कंपनियां इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती।
500 से ज्यादा भारतीय कंपनियां ले रही हिस्सा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस एक्सपो में 670 से ज्यादा रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां हिस्सा ले रही है। इनमें से 154 विदेशी निर्माता हैं। डिफेंस एक्सपो में 47 देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान, स्वीडन, फिनलैंड, इटली, मेडागास्कर, म्यांमार, नेपाल, पुर्तगाल, सेशेल्स और वियतनाम शामिल हैं। रक्षा सचिव (उत्पादन) अजय कुमार ने बताया कि चीन को भी इसके लिए न्यौता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने अपना प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा।
दुनिया की दिग्गज कंपनियां पहुंची
डिफेंस एक्सपो में दुनिया की कई दिग्गज रक्षा उत्पादन कंपनियां पहुंची हैं। इनमें लॉकहीड मार्टिन, बोइंग (अमेरिका), साब (स्वीडन), एयरबस, राफेल (फ्रांस), रोसोनबोरोन एक्सपोर्ट्स, यूनाइटेड शिपबिल्डिंग (रूस), बीएई सिस्टम्स (ब्रिटेन), सिबात (इस्राइल), वार्टशिला (फिनलैंड) और रोड एंड श्वार्ज (जर्मनी) शामिल हैं।
पीएम करेंगे औपचारिक उद्घाटन
चेन्नई के बाहरी इलाके और महाबलीपुरम के समीप लगी रक्षा प्रदर्शनी का पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को औपचारिक उद्घाटन करेंगे। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि एक दिन के उपवास पर होने के बावजूद पीएम डिफेंस एक्सपो में आएंगे। उन्होंने कहा, मैं भी उपवास पर रहूंगी।
पीएम भी उपवास कर रहे हैं लेकिन वह एक्सपो का उद्घाटन करने यहां आएंगे। पीएम तमिलनाडु में भी कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। वह चेन्नई में एक कैंसर संस्थान का दौरा करेंगे। इसके अलावा कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे।