केजरीवाल के खिलाफ मानहानि केस: HC का सुनवाई पर रोक से इनकार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ निचली अदालत में विचाराधीन मानहानि के मामले की सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने फिलहाल उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट प्रदान कर कुछ राहत प्रदान कर दी है।
न्यायमूर्ति आईएस मेहता ने आवेदन पर सुनवाई के दौरान कहा कि ट्रायल कोर्ट में सुनवाई जारी रहनी चाहिए। केजरीवाल और सिसोदिया 6 अप्रैल की सुनवाई में पेशी से छूट के लिए आवेदन दायर करें। मानहानि का यह मुकदमा अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा ने दायर किया है। अदालत ने अधिवक्ता शर्मा को नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न केजरीवाल और सिसोदिया की याचिका स्वीकार कर ली जाए। इसके अलावा अदालत ने पुलिस को भी जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया दिया है। अदालत ने सुनवाई के लिए 28 जुलाई तय की है।
'मुकदमा फर्जी तरीके से दायर किया गया'
अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया ने तर्क रखा था कि उनके खिलाफ जारी समन गलत तरीके से जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा यह मुकदमा फर्जी तरीके से दायर किया गया है। इस मामले में योगेंद्र यादव को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्हें आप ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 में आप ने उसे दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा और उसने फॉर्म भर दिया। इसके बाद उसे टिकट नहीं दिया गया। उसने कहा 14 अक्तूबर 2013 को एक लेख प्रकाशित किया गया, जिसमें इन लोगों ने उसके प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था जिससे उनकी प्रतिष्ठा को आघात लगा।
पार्टी ने तर्क रखा है कि शर्मा ने उनको अपने खिलाफ विचाराधीन मामलों की गलत जानकारी दी थी और केजरीवाल ने कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया था। ऐसे में मानहानि का मामला बनता ही नहीं है।