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नरसिंह की रियो भागीदारी पर फैसला शनिवार तक टला

Thu, 28 Jul 2016 10:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 Jul 2016 10:59 PM IST
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decision turned to Saturday on  Narasimha 's Rio nomination
नरसिंह यादव - फोटो : Getty

डोपिंग में फंसे भारतीय पहलवान नरसिंह यादव की रियो ओलंपिक भागीदारी पर फैसला शनिवार या सोमवार तक टल गया है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी नाडा ने दो दिन की सुनवाई के बाद अपना अंतिम फैसला अभी नहीं सुनाया है।

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डोप टेस्ट में विफल होने पर नरसिंह और उनके वकील ने नाडा के सामने अपना पक्ष रखा और दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। मामले में नाडा की लीगल टीम ने नरसिंह के साजिश के दावे पर अनुशासन समिति के सामने बहस की और अपनी दलीलें रखीं। दो दिवसीय सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई है।
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नाडा के वकील गुरंग कंठ ने पत्रकारों से कहा कि नाडा का कहना यह था कि वह फिर से रियो ओलंपिक में भागीदारी के लिए पात्र नहीं है जिसके लिए वह कह रहा है। साथ ही वह ऐसे परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है जिसके बूते वह यह दावा कर सके कि उसके खिलाफ साजिश की गई है।
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कंठ ने बताया कि नरसिंह ने एक हलफनामा दाखिल किया है उसके पानी में कुछ मिलाया गया था लेकिन वह इसके लिए ऐसे साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका जिससे नाडा या विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी वाडा संतुष्ट हो सके।

उल्लेखनीय है कि नरसिंह के स्थान पर भारतीय कुश्ती संघ ने स्टैंडबाई के तौर पर प्रवीण राणा का नाम भेज दिया है लेकिन अगर नाडा नरसिंह के पक्ष में फैसला दे देती है तो उनका नाम फिर से शामिल किया जा सकता है।

नाडा के वकील का कहना है कि नरसिंह साजिश किए जाने के अपने आरोप को लेकर पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। साथ ही कहा कि हमने नरसिंह के इस दावे का भी विरोध किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उसने एक खिलाड़ी के तौर पर कोई लापरवाही या गलती नहीं की।


कंठ ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें अपने खाने और पेयजल को लेकर पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने पैनल के सामने जो साक्ष्य पेश किए उससे कुछ साबित नहीं हो पाया कि उन्होंने अपने तौर पर पूरी सावधानी बरती थी। लिहाजा उन्हें रियो ओलंपिक में फिर से भेजने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। दलीलें पूरी हो चुकी हैं अब अंतिम फैसला पैनल को करना है। 

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