मंदिर समितियों और इमामों के संगठन का फैसला, बंगाल में छूट के बावजूद नहीं खुलेंगे मंदिर और मस्जिद
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पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पहली जून से तमाम धार्मिक स्थलों को खोलने के फैसले के बावजूद कई मंदिर समितियों और इमामों के संगठनों ने बंद रखने का फैसला किया है। हावड़ा में हुगली किनारे स्थित बेलूर मठ के अलावा उत्तर 24-परगना जिले के दक्षिणेश्वर काली मंदिर और बीरभूम जिले में स्थिति तारापीठ मंदिर समिति ने फिलहाल 15 जून तक बंद रखने का फैसला किया है। दूसरी ओर इमामों के संगठन बंगाल इमाम एसोसिएशन ने भी फिलहाल मस्जिदों को बंद रखने की अपील की है। इमामों के संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद याहिया ने कहा है कि हमने दो महीने तक घर से ही प्रार्थना की है। इसे और जारी रखने में कोई बुराई नहीं है।
दूसरी ओर, सरकार ने कुछ शर्तों और रियायतों के साथ राज्य में जारी लॉकडाउन को 15 जून तक बढ़ा दिया है। सरकार ने सिनेमा और टेलीविजन धारावाहिकों की भी सशर्त शूटिंग की अनुमति दे दी है। लेकिन एक यूनिट में 35 से ज्यादा लोग नहीं रहेंगे। रियलिटी शो पर पहले की तरह पाबंदी जारी रहेगी। आठ जून से सरकारी दफ्तरों में मौजूदा 50 की जगह 70 फीसदी कर्मचारी काम कर सकेंगे। निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की तादाद तय करने का जिम्मा संबंधित प्रबंधन पर ही छोड़ दिया गया है। राज्य में होटल, शापिंग माल और रेस्तरां भी खुल जाएंगे।
24 घंटे में सामने आए 317 केस, 7 की मौत
राज्य में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे में 317 नए मरीज सामने आए हैं और सात लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही मरने वालों की तादाद 237 हो गई है। राज्य में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा पांच हजार पार कर गया है।