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भूख से मौत: वास्तविकता से अनजान पर संसद में मचा तूफान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:15 AM IST
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दिल्ली के मंडावली में तीन बच्चियों की भूख से हुई मौत का मामला राज्यसभा और लोकसभा में जोर-शोर से उठाया गया। मामले पर भाजपा सांसद और सरकार की ओर से अलग अलग बयान सामने आए। लोकसभा में भाजपा सांसद ने जहां केजरीवाल सरकार को बर्खास्त करने की मांग की, वहीं राज्यसभा में योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मौत की वास्तविकता अभी सरकार के पास नहीं पहुंची है। इस पर बसपा ने कड़ी आपत्ति जताई।
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शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद बिधूड़ी ने कहा कि देश की राजधानी में उपमुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में राज्य सरकार की लापरवाही से हुई मौत शर्मनाक। जिस तरह चारा घोटाले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने स्कूटर के नंबर से भैंस ढोए थे, उसी प्रकार राशन घोटाले में राशन ढोने के लिए स्कूटर के नंबर का इस्तेमाल किया।
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बिधूड़ी ने कहा कि जिन बच्चों के पेट में अन्न का दाना नहीं था, उसे मोहल्ला क्लिनिक में दवा दी गई। इसी मुद्दे पर मनोज तिवारी और प्रवेश सिंह वर्मा ने भी केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इस घटना के लिए केजरीवाल सरकार के साथ साथ मोदी सरकार को भी दोषी ठहराया।
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दिल्ली सरकार व मंत्रालय को मानवाधिकार नोटिस
दिल्ली सरकार व मंत्रालय को मानवाधिकार नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भूख से मौत मामले पर दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को नोटिस भेजा है। आयोग ने मीडिया खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव और सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। दोनों प्राधिकरणों से अंत्योदय अन्न योजना पर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है। उधर, दिल्ली महिला आयोग ने भी इस मामले पर पुलिस और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
केंद्र ने दिए जांच के आदेश
इस मामले में केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जीटीबी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से शवों का दोबारा परीक्षण कराया गया है। रिपोर्ट मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भूख से मौत मामले पर दिल्ली सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को नोटिस भेजा है। आयोग ने मीडिया खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव और सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। दोनों प्राधिकरणों से अंत्योदय अन्न योजना पर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है। उधर, दिल्ली महिला आयोग ने भी इस मामले पर पुलिस और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
केंद्र ने दिए जांच के आदेश
इस मामले में केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जीटीबी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से शवों का दोबारा परीक्षण कराया गया है। रिपोर्ट मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी।