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पुराने नोटों को बदलने की नहीं बदली जाएगी समय सीमा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

Fri, 10 Mar 2017 08:38 PM IST
amarujala.com- presented by: मोहित
amarujala.com- presented by: मोहित Updated Fri, 10 Mar 2017 08:38 PM IST
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deadline for changing old notes will not be changed, government told sc

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह नोटबंदी को लेकर जारी अध्यादेश को लेकर की गई कानूनी चुनौती से लडने के लिए तैयार हैं। सरकार ने साफ किया कि दबाव में आकर 500 और 1000 के पुराने नोटों को बदलने की सीमा बढ़ाने का उसका कोई इरादा नहीं है। 

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केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ केसमक्ष कहा कि 500 और 1000 के पुराने नोटों को रखना अपराध है। यह गैरकानूनी है। मालूम हो कि गत सोमवार को पीठ ने इस संबंध में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह जवाब देने की बजाए बहस करना चाहते हैं और आज भी वह बहस के लिए तैयार हैं। बहरहाल पीठ ने सुनवाई 21 अप्रैल तक केलिए टाल दी। 
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शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है जिसमें सरकार और आरबीआई केउस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें पुराने नोटों के बदलने के पूर्व में तय की गई समय-सीमा को घटाने का निर्णय लिया गया था। याचिकाओं में कहा गया कि आखिरकार सरकार पूर्व में किए गए वायदों से कैसे मुंह मोड़ सकती है। 
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मालूम हो कि शुरुआत में कहा गया था कि पुराने नोट 30 दिसंबर तक रिजर्ब बैंक सहितबैंकों में बदले जा सकेंगे। इसकेबाद 31 मार्च तक सिर्फ रिजर्ब बैंक में बदले जा सकेंगे। लेकिन बाद आरबीआई ने नई अधिसूचना जारी कर कहा कि एनआरआई या वैसे लोग जो उस दौरान देश केबाहर थे, ही 31 मार्च तक पुराने नोटों को बदल सकेंगे।

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