कराची में ही है अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, पुख्ता सबूत से खुली पाकिस्तान की पोल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही है। खुफिया एजेंसियों के हाथ लगी दाऊद की एक तस्वीर से यह पता चलता है। वायरल हो रही इस तस्वीर में वह डी नेटवर्क के इंटरनेशनल नेटवर्क देखने वाले अपने सबसे खास जाबिर मोती से मिल रहा था। दाऊद इन तस्वीरों में स्वस्थ लग रहा है। इससे पहले की कई मीडिया रिपोर्ट में हवाला दिया गया था कि दाऊद को घुटने की गंभीर बीमारी है। एजेंसियों के मुताबिक जाबिर मोती दाऊद के कराची में स्थित क्लिफंटन हाऊस के बगल में रहता है और उसके दाऊद की पत्नी मेहजबीन और उसके बेटे मोईन नवाज से पारिवारिक संबध हैं।
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने गुरुवार को कहा था कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है। दरअसल, इससे पहले ही ब्रिटेन की एक अदालत को बताया गया था कि साल 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में वांछित यह गैंग्स्टर फिलहाल पाकिस्तान में रह रहा है।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है। जबकी उसकी वायरल हो रही यह तस्वीर पाकिस्तान का झूठ उजागर कर रही है।
डी-कंपनी के एक प्रमुख सदस्य जाबिर मोती के प्रत्यर्पण मुकदमे के दौरान लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत को बीते बुधवार को बताया गया कि दाऊद 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों को लेकर वांछित है और वह फिलहाल पाकिस्तान में है। इन धमाकों में 200 लोग मारे गए थे।
मोती के वकील एडवर्ड फित्जगेराल्ड द्वारा पढ़े गए प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अटार्नी के हलफनामे के अंश के मुताबिक ‘डी कंपनी’ का सरगना दाऊद इब्राहिम फिलहाल पाकिस्तान में निर्वासन में है। दाऊद और उसका भाई अनीस इब्राहिम 1993 से ही भारत से फरार है। उन्होंने बताया कि मौजूदा जांच से इस बात का खुलासा हुआ कि जाबिर मोती सीधे दाऊद को रिपोर्ट करता था।
दरअसल, फित्जगेराल्ड यह स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे कि उनके मुवक्किल को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दाऊद और डी कंपनी से जोड़े जाने का यह मतलब होगा कि उस पर न्यूयार्क के मेट्रोपोलिटन सुधार केंद्र में विशेष प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उसे अलग-थलग रखना और उसे जोखिम में रखना शामिल है। अमेरिका के मुताबिक दाऊद आतंकी संगठन के आतंकी संगठन अलकायदा से करीबी संबंध थे। इस वजह से अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।