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होसबोले को बनाया जा सकता है संघ का सरकार्यवाह, नागपुर में RSS की बैठक शुरू
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Mar 2018 03:23 AM IST
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दत्तात्रेय होसबोले
- फोटो : pti
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की हर तीन साल बाद होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा नागपुर में शुरू हो गई है। इसमें सबसे अहम घोषणा उसके सरकार्यवाह (महामंत्री) के नाम की होनी है। यदि मौजूदा सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी पद छोड़ते हैं तो उनकी जगह दत्तात्रेय होसबोले को नियुक्त किया जा सकता है।
संघ में शीर्ष पद सरसंघचालक (अध्यक्ष) का होता है और इस पद पर पिछले काफी समय से मोहन भागवत हैं और उनकी भूमिका संगठन को दिशानिर्देश देना है। जबकि सरकार्यवाह सहयोगी संगठनों से तालमेल से लेकर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां करने जैसे रोजमर्रा के फैसले लेते हैं। उनका कार्यकाल तीन साल का होता है, जिसे प्रतिनिधि सभा जितनी बार चाहे बढ़ा सकती है।
सत्तर साल के भैयाजी लगातार तीन बार से सरकार्यवाह हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ हैं। इसीलिए उन्होंने जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई है। कर्नाटक के मूल निवासी दत्तात्रेय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लंबे समय तक प्रभारी रहे।
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63 वर्षीय दत्तात्रेय संघ के युवा कार्यकर्ताओं में बेहद लोकप्रिय हैं। उनकी खास पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी निकटता भी है। यूपी में भाजपा की अभूतपूर्व जीत और योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनवाने तक में दत्ता की अहम भूमिका थी।
अन्य नियुक्तियां
प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य को सहसरकार्यवाह नियुक्त किया जा सकता है। भाजपा के संगठन मंत्री रामलाल को संघ में वापस लिया जा सकता है और उनकी जगह विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री सुनील अंबेकर को भाजपा का संगठन मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
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संघ में शीर्ष पद सरसंघचालक (अध्यक्ष) का होता है और इस पद पर पिछले काफी समय से मोहन भागवत हैं और उनकी भूमिका संगठन को दिशानिर्देश देना है। जबकि सरकार्यवाह सहयोगी संगठनों से तालमेल से लेकर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां करने जैसे रोजमर्रा के फैसले लेते हैं। उनका कार्यकाल तीन साल का होता है, जिसे प्रतिनिधि सभा जितनी बार चाहे बढ़ा सकती है।
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सत्तर साल के भैयाजी लगातार तीन बार से सरकार्यवाह हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ हैं। इसीलिए उन्होंने जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई है। कर्नाटक के मूल निवासी दत्तात्रेय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लंबे समय तक प्रभारी रहे।
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63 वर्षीय दत्तात्रेय संघ के युवा कार्यकर्ताओं में बेहद लोकप्रिय हैं। उनकी खास पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी निकटता भी है। यूपी में भाजपा की अभूतपूर्व जीत और योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनवाने तक में दत्ता की अहम भूमिका थी।
अन्य नियुक्तियां
प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य को सहसरकार्यवाह नियुक्त किया जा सकता है। भाजपा के संगठन मंत्री रामलाल को संघ में वापस लिया जा सकता है और उनकी जगह विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री सुनील अंबेकर को भाजपा का संगठन मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
कैसे होता है संघ में चुनाव
प्रतीकात्मक तस्वीर
क्यों जरूरी है बदलाव
संघ और भाजपा दोनों चाहते हैं कि मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी के 75 वर्ष के होने तक दोनों को अपना उत्तराधिकारी चुन लेना चाहिए। यदि इस बार भैयाजी जोशी पद पर बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद अगले लोकसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचेगा। वहीं, संघ का एक वर्ग चाहता है कि जोशी को 2019 के चुनाव के बाद ही पद छोड़ना चाहिए।
कैसे होता है संघ में चुनाव
तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा के दूसरे दिन मौजूदा सरकार्यवाह चुनाव की घोषणा करते हैं। एक चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की जाती है। फिर कोई वरिष्ठ पदाधिकारी एक नाम का प्रस्ताव रखते हैं और सभा में मौजूद सभी 1500 सदस्य उसका एकमत से समर्थन कर देते हैं। आज तक किसी दूसरे नाम का प्रस्ताव नहीं किया गया, इसलिए चुनाव कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
संघ और भाजपा दोनों चाहते हैं कि मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी के 75 वर्ष के होने तक दोनों को अपना उत्तराधिकारी चुन लेना चाहिए। यदि इस बार भैयाजी जोशी पद पर बने रहते हैं, तो उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद अगले लोकसभा चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचेगा। वहीं, संघ का एक वर्ग चाहता है कि जोशी को 2019 के चुनाव के बाद ही पद छोड़ना चाहिए।
कैसे होता है संघ में चुनाव
तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा के दूसरे दिन मौजूदा सरकार्यवाह चुनाव की घोषणा करते हैं। एक चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की जाती है। फिर कोई वरिष्ठ पदाधिकारी एक नाम का प्रस्ताव रखते हैं और सभा में मौजूद सभी 1500 सदस्य उसका एकमत से समर्थन कर देते हैं। आज तक किसी दूसरे नाम का प्रस्ताव नहीं किया गया, इसलिए चुनाव कराने की जरूरत नहीं पड़ी।