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Weather Report: ओडिशा में भारी बारिश की आशंका, केरल में तटीय इलाकों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
Tue, 09 Aug 2022 11:03 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम/भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम/भुवनेश्वर
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 09 Aug 2022 11:03 PM IST
सार
आईएमडी ने बताया कि ओडिशा तट के पास नया दबाव बनने के कारण 11 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने केरल के तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है और कहा है कि मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाना चाहिए।
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मानसून बाद बारिश का कहर
- फोटो : pti
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विस्तार
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने केरल के कुछ हिस्सों में बुधवार तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। विभाग ने बताया कि ओडिशा तट के पास नया दबाव बनने के कारण 11 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।
आईएमडी ने केरल के तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है और कहा है कि मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाना चाहिए।
इसी समय राज्य के प्रमुख बांधों और मुल्लापेरियार, इदमालयार, बाणासुर सागर, काक्की और पंबा सहित अन्य नदियों में अतिरिक्त पानी बहते देखा गया है जिसके परिणामस्वरूप जल स्तर में मामूली वृद्धि हुई है।
एर्नाकुलम जिले के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि इदमलयार से 350 क्यूमेक्स पानी पेरियार नदी तक पहुंचा लेकिन जल स्तर में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।
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पेरियार नदी को इदमलयार और चेरुथोनी बांध से अतिरिक्त पानी मिल रहा है लेकिन जल स्तर बाढ़ की चेतावनी के स्तर के करीब नहीं गया है। नदी में पानी नहीं बढ़ रहा है लेकिन जिला प्रशासन ने लोगों के पेरियार में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
इदमलयार जलाशय का स्तर 169 मीटर है और चार शटर खुले हैं। दो को 100 सेंटीमीटर तक बढ़ाया गया है जबकि अन्य दो को 75 सेंटीमीटर तक बढ़ाया गया है, जिसमें 238.68 क्यूमेक्स पानी है।
ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश
वहीं मंगलवार को ओडिशा के कई जिलों के कई गांवों के खेतों, सड़कों, पुलों और निचले इलाकों में नदियों के उफान से पानी भर गया है। बंगाल के तटीय हिस्सों में भी दिन के दौरान मध्यम बारिश हुई।
आईएमडी के मुताबिक, मानसून की ट्रफ पश्चिमी और तटीय ओडिशा से गुजर रही है। कम से कम आठ मौसम केंद्रों में 116-204 मिमी की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई जबकि 44 स्थानों पर 65-115 मिमी की बारिश हुई।
नबरंगपुर के कोसागुमुडा में 161 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद नयागढ़ के बापुर में 160.2 मिमी बारिश हुई। गजपति, रायगडा, कटक, कालाहांडी, कंधमाल और कोरापुट जिलों में भारी बारिश हुई। भुवनेश्वर और कट में क्रमश: 76 मिमी और 31 बारिश हुई।
लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से मलकानगिरी जिले के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं जिससे महत्वपूर्ण राजमार्ग और पुल जलमग्न हो गए हैं और गांव बाढ़ में डूब गए हैं। गोदावरी नदीं के उफान से स्थिति और भी विकट हो गई है।
गजपति में कई गांवों के निवासी फंसे हुए थे क्योंकि उफान पर हरभंगी नदी का पानी पूरे इलाके में बह गया था। नुआपाड़ा के सिनापाली इलाके में एक पुल बह गया।
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आईएमडी ने केरल के तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है और कहा है कि मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाना चाहिए।
इसी समय राज्य के प्रमुख बांधों और मुल्लापेरियार, इदमालयार, बाणासुर सागर, काक्की और पंबा सहित अन्य नदियों में अतिरिक्त पानी बहते देखा गया है जिसके परिणामस्वरूप जल स्तर में मामूली वृद्धि हुई है।
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एर्नाकुलम जिले के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि इदमलयार से 350 क्यूमेक्स पानी पेरियार नदी तक पहुंचा लेकिन जल स्तर में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।
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पेरियार नदी को इदमलयार और चेरुथोनी बांध से अतिरिक्त पानी मिल रहा है लेकिन जल स्तर बाढ़ की चेतावनी के स्तर के करीब नहीं गया है। नदी में पानी नहीं बढ़ रहा है लेकिन जिला प्रशासन ने लोगों के पेरियार में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
इदमलयार जलाशय का स्तर 169 मीटर है और चार शटर खुले हैं। दो को 100 सेंटीमीटर तक बढ़ाया गया है जबकि अन्य दो को 75 सेंटीमीटर तक बढ़ाया गया है, जिसमें 238.68 क्यूमेक्स पानी है।
ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश
वहीं मंगलवार को ओडिशा के कई जिलों के कई गांवों के खेतों, सड़कों, पुलों और निचले इलाकों में नदियों के उफान से पानी भर गया है। बंगाल के तटीय हिस्सों में भी दिन के दौरान मध्यम बारिश हुई।
आईएमडी के मुताबिक, मानसून की ट्रफ पश्चिमी और तटीय ओडिशा से गुजर रही है। कम से कम आठ मौसम केंद्रों में 116-204 मिमी की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई जबकि 44 स्थानों पर 65-115 मिमी की बारिश हुई।
नबरंगपुर के कोसागुमुडा में 161 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद नयागढ़ के बापुर में 160.2 मिमी बारिश हुई। गजपति, रायगडा, कटक, कालाहांडी, कंधमाल और कोरापुट जिलों में भारी बारिश हुई। भुवनेश्वर और कट में क्रमश: 76 मिमी और 31 बारिश हुई।
लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से मलकानगिरी जिले के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं जिससे महत्वपूर्ण राजमार्ग और पुल जलमग्न हो गए हैं और गांव बाढ़ में डूब गए हैं। गोदावरी नदीं के उफान से स्थिति और भी विकट हो गई है।
गजपति में कई गांवों के निवासी फंसे हुए थे क्योंकि उफान पर हरभंगी नदी का पानी पूरे इलाके में बह गया था। नुआपाड़ा के सिनापाली इलाके में एक पुल बह गया।