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धर्म परिवर्तन को बीजेपी सांसद ने ठहराया सही, कहा- आज भी मूंछ रखने पर पीटे जाते हैं दलित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:33 AM IST
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रविवार को गुजरात में दलितों के बौद्ध धर्म अपनाए जाने भारतीय जनता पार्टी के सांसद उदित राज ने कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में दलितों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और समाज में फैले भेदभाव के कारण ही यह धर्म परिवर्तन हो रहा है। उदित राज ने कहा कि दलित की पिटाई इसलिए भी की जा रही है क्योंकि उन्होंने मूछ रख रखी है।
मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उनके पास अब क्या विकल्प बचा है। उन्होंने समाज में तेजी से फैल रहे असंतोष पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश की स्थिति भयावह बनी हुई है।
गुजरात के सोमनाथ जिला के ऊना तहसील में करीब 450 दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया है। ऊना दो साल पहले उस समय चर्चा में आया था जब समुदाय के चार लोगों को कथित गोरक्षकों ने दलितों को बुरी तरह पीटा था।
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धर्म परिवर्तन के बाद दलित परिवारों ने कहा कि हिंदू धर्म में हमें सम्मान नहीं मिला और हिंदुओं ने हमें नहीं अपनाया इसलिए हमने बौद्ध धर्म अपनाया है। इस मौके पर सौराष्ट्र क्षेत्र के हजारों दलितों ने हिस्सा लिया।
रविवार को ऊना में बड़ी संख्या में दलित परिवार इकट्ठा हुए और पूरे रीति रिवाज से बौद्ध धर्म अपनाया। इन परिवारों ने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला क्यों लिया, इस सवाल पर उनका कहना था कि हिंदुओं ने उन्हें सम्मान नहीं दिया। दलित परिवारों ने कहा, ‘हमें हिंदू नहीं माना जाता और मंदिरों में भी घुसने नहीं दिया जाता। यही वजह है कि हमने बौद्ध धर्म स्वीकार किया है।’
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मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उनके पास अब क्या विकल्प बचा है। उन्होंने समाज में तेजी से फैल रहे असंतोष पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश की स्थिति भयावह बनी हुई है।
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गुजरात के सोमनाथ जिला के ऊना तहसील में करीब 450 दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया है। ऊना दो साल पहले उस समय चर्चा में आया था जब समुदाय के चार लोगों को कथित गोरक्षकों ने दलितों को बुरी तरह पीटा था।
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धर्म परिवर्तन के बाद दलित परिवारों ने कहा कि हिंदू धर्म में हमें सम्मान नहीं मिला और हिंदुओं ने हमें नहीं अपनाया इसलिए हमने बौद्ध धर्म अपनाया है। इस मौके पर सौराष्ट्र क्षेत्र के हजारों दलितों ने हिस्सा लिया।
रविवार को ऊना में बड़ी संख्या में दलित परिवार इकट्ठा हुए और पूरे रीति रिवाज से बौद्ध धर्म अपनाया। इन परिवारों ने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला क्यों लिया, इस सवाल पर उनका कहना था कि हिंदुओं ने उन्हें सम्मान नहीं दिया। दलित परिवारों ने कहा, ‘हमें हिंदू नहीं माना जाता और मंदिरों में भी घुसने नहीं दिया जाता। यही वजह है कि हमने बौद्ध धर्म स्वीकार किया है।’
The reason is social injustice. Dalits are beaten up for even having a mustache. I don't know what alternative they have. This is really a dangerous situation: Udit Raj, BJP MP on mass conversion of Dalits to Buddhism from Gujarat's Una, yesterday. pic.twitter.com/AkQSlHDWrq
— ANI (@ANI) April 30, 2018