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Tamil Nadu: दिहाड़ी मजदूर की आदिवासी बेटी पहुंची NIT, जेईई मुख्य परीक्षा में रोहिणी ने 73 परसेंटाइल हासिल किया
Wed, 10 Jul 2024 05:23 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 10 Jul 2024 05:23 AM IST
सार
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में आदिवासी लड़की ने एनआईटी में दाखिला लेकर इतिहास रच दिया है। दिहाड़ी मजदूर की बेटी रोहिणी ने 73.8 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
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रोहिणी
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले की 18 साल की एम रोहिणी ने इतिहास रच दिया है। दिहाड़ी मजदूर की बेटी रोहिणी राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (एनआईटी) त्रिची में दाखिला पाने वाली राज्य की पहली आदिवासी छात्रा बन गई हैं। उन्होंने जेईई मुख्य परीक्षा में 73.8 परसेंटाइल प्राप्त किए और एनआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में सीट पाई।
रोहिणी ने कहा, मैं आदिवासी समुदाय की छात्रा हूं और मैंने आदिवासी स्कूल में ही पढ़ाई की है। अपनी उपलब्धि के लिए उन्होंने अपने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों का आभार जताया। उधर, तमिलनाडु सरकार ने उनकी फीस भरने की पेशकश की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को धन्यवाद दिया।
पढ़ाई के साथ की मजदूरी...रोहिणी की सफलता इसलिए खास है क्योंकि वह विपरीत परिस्थितियों में पली-बढ़ी हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और उनका घर चिन्ना इलुपुर गांव में है।
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रोहिणी ने कहा, मैं आदिवासी समुदाय की छात्रा हूं और मैंने आदिवासी स्कूल में ही पढ़ाई की है। अपनी उपलब्धि के लिए उन्होंने अपने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों का आभार जताया। उधर, तमिलनाडु सरकार ने उनकी फीस भरने की पेशकश की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को धन्यवाद दिया।
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पढ़ाई के साथ की मजदूरी...रोहिणी की सफलता इसलिए खास है क्योंकि वह विपरीत परिस्थितियों में पली-बढ़ी हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और उनका घर चिन्ना इलुपुर गांव में है।
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