फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dabholkar Murder : CBI took help of Ukrainian swimmer and Norway Technology to find the weapon

दाभोलकर हत्याकांड : 7.5 करोड़ रुपये खर्च कर समुद्र तल से तलाशा गया हथियार

Fri, 06 Mar 2020 05:16 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/पुणे Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 06 Mar 2020 05:16 AM IST
सार

सीबीआई ने इसके लिए दुबई की कंपनी एनवीटेक मैरीन कंसल्टेंट्स की मदद ली थी, जिसने समुद्र तल से हथियार को निकालने में नार्वे में बने हाईटेक उपकरणों और यूक्रेनी गोताखोरों का इस्तेमाल किया।

विज्ञापन
Dabholkar Murder : CBI took help of Ukrainian swimmer and Norway Technology to find the weapon
बरामद की गई पिस्तौल

विस्तार

सीबीआई ने विदेशी तकनीक और गोताखोरों की मदद से एक जटिल अभियान को अंजाम देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर के हत्याकांड में अहम सबूत हासिल किया है। करीब 7.5 करोड़ रुपये के खर्च वाले इस अभियान के जरिये सीबीआई ने ठाणे के करीब खाड़ी क्षेत्र में समुद्र तल पर 40 फुट मोटी रेत की सतह में दबी एक पिस्तौल को बरामद किया है।

विज्ञापन


एक सीबीआई अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि एजेंसी ने इसके लिए दुबई की कंपनी एनवीटेक मैरीन कंसल्टेंट्स की मदद ली थी, जिसने समुद्र तल से हथियार को निकालने में नार्वे में बने हाईटेक उपकरणों और यूक्रेनी गोताखोरों का इस्तेमाल किया। इस पूरे अभियान का खर्च महाराष्ट्र और कर्नाटक की राज्य सरकारों ने मिलकर वहन किया है। अधिकारी के मुताबिक, हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
विज्ञापन


अधिकारी ने कहा कि इससे दाभोलकर के अलावा वामपंथी पत्रकार गौरी लंकेश, एमएम कलबुर्गी और गोविंद पनसारे की हत्या की गुत्थी सुलझाने में भी मदद मिल सकती है, जिन्हें कथित तौर पर एक ही तरीके से दक्षिणपंथी अतिवादियों ने मारा था। उन्होंने कहा, फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि समुद्र से मिला हथियार दाभोलकर या किसी अन्य की हत्या में उपयोग किया गया था या नहीं। तब तक अन्य हत्याओं के मामले में हथियार की तलाश जारी रखी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दाभोलकर की हत्या 20 अगस्त, 2013 को पुणे में कर दी गई थी, जिसका आरोप एक दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था के सदस्यों पर लगा था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है, जबकि लंकेश, कलबुर्गी और पनसारे की हत्या की जांच कर्नाटक पुलिस के पास है। चारों हत्याओं को एक ही तरीके से अंजाम दिया गया था। 

सीबीआई ने 23 जुलाई, 2018 को पुणे की अदालत में दावा किया था कि दाभोलकर को शूट करने के बाद शरद कालास्कर ने चार देशी पिस्तौलों के अलग-अलग हिस्से कर उन्हें ठाणे के करीब एक पुल से समुद्री खाड़ी में फेंक दिया था। यह काम उसने पुणे से नालासोपारा जाते समय रास्ते में किया था। इसके बाद ही हथियार को तलाशने का अभियान शुरू किया गया।

बेहद कठिन था खाड़ी में हथियार तलाशना

सीबीआई अधिकारी के मुताबिक, लंबी-चौड़ी समुद्री खाड़ी में एक हथियार को तलाशना बेहद कठिन था। इस अभियान का मतलब ऊंची लहरों से जूझना और समुद्र तल पर गंदे-उथले पानी, चट्टानों व रेत में देखना था। उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे पहले आरोपियों से गहन पूछताछ के जरिये वह जगह चिह्नित की गई, जहां पुल पर खड़े होकर उनके द्वारा फेंके गए हथियार के गिरने की संभावना थी। इसके बाद दुबई की कंपनी को काम सौंपा गया।

ऐसे चला पूरा अभियान

एनवीटेक के विशेषज्ञों ने नार्वे की सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) तकनीक के जरिये रेत की पर्तों में दबी धातु का पता लगाया। इसके बाद एक तैरते प्लेटफार्म पर लगी क्रेन के जरिये समुद्र तल से बिना हथियार को नुकसान पहुंचाए बेहद सावधानी पूर्वक रेत निकाली गई। इतना होने के बाद यूक्रेनी गोताखोर नीचे गहराई में जाकर हथियार को बाहर लेकर आए।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed