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वरदा तूफानः इसरो के दो सेटेलाइट्स ने बचाईं 10 हजार जानें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 15 Dec 2016 02:26 PM IST
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वरदा
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के दो सेटेलाइट्स ने तमिलनाडु में आए वरदा तूफान से हजारों लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। सोमवार को इस तूफान ने राज्य में दस्तक दी थी। अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि दो सेटेलाइट्स- इनसैट-3डीआर और स्कैटसैट-1 से मिले आंकड़ों के आधार पर साइक्लोन की चाल और उसके गति का अनुमान लगाने में मदद मिली। इसके आधार पर लोगों को सही समय पर अलर्ट किया गया।
इनसैट-3डीआर और स्कैटसैट-1 से मिले आंकड़ों की मदद से चेन्नई, त्रिवालुर और कांचीपुरम में 10 हजार से अधिक लोगों को बचाया गया। इसरो अधिकारी का कहना है कि आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। बेहतर अनुमान के बूते पहले से ही आपदा बल के लोगों बचाव कार्य के लिए तैनात कर दिया गया था।
इनसैट-3डीआर एडवांस मौसम सेटेलाइट है जिसमें एटमौसफेयर साउंड और इमेजिंग सिस्टम लगा है। इसे 8 सितंबर में तीन चरण में जीएसएलवी से लॉन्च किया गया था। वहीं, स्कैटसैट-1 को 26 सितंबर को चार चरणीय पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित किया गया था। यह मौसम पूर्वानुमान और साइक्लोन ट्रेकिंग के लिहाज से बेहद अहम है।
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इनसैट-3डीआर और स्कैटसैट-1 से मिले आंकड़ों की मदद से चेन्नई, त्रिवालुर और कांचीपुरम में 10 हजार से अधिक लोगों को बचाया गया। इसरो अधिकारी का कहना है कि आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। बेहतर अनुमान के बूते पहले से ही आपदा बल के लोगों बचाव कार्य के लिए तैनात कर दिया गया था।
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इनसैट-3डीआर एडवांस मौसम सेटेलाइट है जिसमें एटमौसफेयर साउंड और इमेजिंग सिस्टम लगा है। इसे 8 सितंबर में तीन चरण में जीएसएलवी से लॉन्च किया गया था। वहीं, स्कैटसैट-1 को 26 सितंबर को चार चरणीय पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित किया गया था। यह मौसम पूर्वानुमान और साइक्लोन ट्रेकिंग के लिहाज से बेहद अहम है।
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