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Monsoon: मैदानी इलाकों में मानसून को लेकर डराने वाली भविष्यवाणी, चक्रवात बिपरजॉय का ऐसा होगा असर
Tue, 13 Jun 2023 10:46 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 13 Jun 2023 10:46 AM IST
सार
बिपरजॉय की वजह से भारत के भीतरी इलाकों में मानसून नहीं पहुंच पाया है। चक्रवाती तूफान के धीमा पड़ने के बाद भी दबाव कम रहेगा, जिससे भी मानसून उत्तर पश्चिम भारत में देरी से पहुंचेगा।
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मध्य भारत में बारिश में हो सकती है देरी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय मौसम विभाग और स्काइमेट वेदर का कहना है कि भारत के मैदानी इलाकों में इस बार बारिश तरसा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के पहले हफ्ते तक मैदानी इलाकों में ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है।
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मध्य भारत में रहेंगे सूखे जैसे हालात
स्काइमेट वेदर की सोमवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य और उत्तर पश्चिमी भारत में 6 जुलाई तक सूखे जैसे हालात रह सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 60 प्रतिशत से भी कम बारिश होने की आशंका है। वहीं मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 6 जुलाई के दौरान देश में होने वाली बारिश में 54 प्रतिशत की कमी आएगी। दक्षिण पेनिनसुला क्षेत्र में एक जून से होने वाली बारिश में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
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बिपरजॉय के चलते कम होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत में 80 प्रतिशत और उत्तर पूर्वी भारत में 53 प्रतिशत कम बारिश होगी। बारिश में कमी की वजह चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को माना जा रहा है। बिपरजॉय की वजह से भारत के भीतरी इलाकों में मानसून नहीं पहुंच पाया है। चक्रवाती तूफान के धीमा पड़ने के बाद भी दबाव कम रहेगा, जिससे भी मानसून उत्तर पश्चिम भारत में देरी से पहुंचेगा।
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