फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CRPF seeks intervention of Karnataka DGP to probe manhandling and handcuffing of commando by cops

कमांडो से पुलिस की हाथापाई मामले में सीआरपीएफ की मांग, जांच में हस्तक्षेप करें कर्नाटक के डीजीपी

Mon, 27 Apr 2020 06:24 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 27 Apr 2020 06:24 PM IST
सार

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने एक कोबरा कमांडो के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से हाथापाई करने और उसे हथकड़ी लगाने का मामला कर्नाटक पुलिस के सामने उठाया है। सीआरपीएफ ने इस मामले के लिए एक टीम भी भेजी है। यह जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी। सीआरपीएफ की कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (कोबरा) इकाई छापामार और जंगल युद्ध में माहिर है।

विज्ञापन
CRPF seeks intervention of Karnataka DGP to probe manhandling and handcuffing of commando by cops
सीआरपीएफ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बल ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण सूद को एक पत्र लिखकर कहा है कि ‘23 अप्रैल को बेलगावी जिले में जवान की गिरफ्तारी से पहले राज्य पुलिस ने यदि सीआरपीएफ वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लिया होता तो अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता था।’ अर्धसैनिक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ जवान के खिलाफ पुलिस की अत्याचारपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ सीआरपीएफ जवाबी प्राथमिकी दर्ज कराने पर विचार कर रही है।

विज्ञापन


सीआरपीएफ के पत्र में कहा गया है कि जिले के इक्सांबा गांव में कोविड-19 लॉकडाउन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा कमांडो सचिन सावंत के साथ मारपीट की गई, दुर्व्यवहार किया गया, उसे नंगे पैर थाने तक ले जाया गया, जंजीरों और हथकड़ियों में रखा गया। एक स्थानीय व्यक्ति ने कुछ दूरी से मोबाइल फोन से एक वीडियो बनाया है। इसमें देखा जा सकता है कि सादे कपड़े पहने कमांडो और दो पुलिसकर्मियों के बीच बहस होती है और उसके बाद उनके बीच मारपीट होती है।
विज्ञापन


कोबरा कमांडो छुट्टी पर अपने गृह नगर आया हुआ था। सीआरपीएफ के अनुसार राज्य पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि सावंत अपनी बाइक धोने के लिए अपने घर के बाहर था और उसने मास्क नहीं पहन रखा था और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उससे पूछा कि उसने मास्क क्यों नहीं पहना है। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि कमांडो ने बीट कांस्टेबल और उसके साथ मौजूद एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ बहस की और उनके साथ मारपीट की।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीआरपीएफ के अधिकारियों ने इसका यह कहते हुए विरोध किया कि जवान ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने मास्क इसलिए नहीं पहना है क्योंकि वह अपने घर के बाहर ही था। इस घटना के कारण अर्धसैनिक बल के अधिकारियों में आक्रोश है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम. दिनाकरन ने कहा, ‘हमने इस मामले को कर्नाटक राज्य के पुलिस प्रमुख के साथ उठाया है। उसकी (सावंत) जमानत याचिका मंगलवार को अदालत के समक्ष आने वाली है और सीआरपीएफ भी अपने स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से अदालत में मौजूद होगी। इसके बाद मामले की जांच को तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाने के लिए कदम उठाये जाएंगे।’

सीआरपीएफ ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि वीडियो की जांच के बाद यह स्पष्ट है कि पुलिसकर्मियों का आचरण नागरिक केंद्रित नहीं था। सीआरपीएफ प्रमुख एपी माहेश्वरी की ओर से एक विशेष महानिदेशक स्तर के अधिकारी द्वारा लिखे गए पत्र में डीजीपी से मामले की जांच करने और घटना की गंभीरता और दोनों बलों के बीच संबंधों पर इसके प्रभाव को देखते हुए जवान को न्याय प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।

सीआरपीएफ के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कमांडो ने पुलिस को बताया कि वह भी उनकी तरह एक पुलिसकर्मी है और अपनी जिम्मेदारियों को जानता है। वह बहस समाप्त करके अपने घर के अंदर वापस जाने के लिए सहमत हो गया लेकिन तभी पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का दिया और उस पर लाठी बरसाई जिससे दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई।

पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि कमांडो को आईपीसी और महामारी रोग अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है और फिलहाल वह स्थानीय सदलगा पुलिस थाने में न्यायिक हिरासत में है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल है जो सीआरपीएफ अधिकारियों के पास भी उपलब्ध है। इसमें सावंत को हथकड़ी लगा दिखाया गया है और दावा किया गया है कि यह स्थानीय पुलिस थाने की है।


सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘क्या बल के कमांडो के साथ व्यवहार का यही तरीका है? जवान को हथकड़ी और जंजीर लगाकर उससे एक खूंखार अपराधी की तरह व्यवहार किया गया, जो किसी भी मामले में व्यक्ति पर लगाए जाने के लिए अस्वीकृत है।’ कमांडो कोबरा की 207वीं बटालियन में तैनात है। यह इकाई वर्तमान में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए तैनात है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed