CRPF: डीजी की फेयरवेल परेड के लिए कोबरा को छुट्टी से वापस बुलाने पर रार, गुरुग्राम में विदाई समारोह की तैयारी!
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देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के महानिदेशक सुजॉय एल. थाउसेन की फेयरवेल परेड की तैयारी शुरू हो गई है। फेयरवेल परेड 30 नवंबर को बल के गुरुग्राम में स्थित ग्रुप सेंटर पर आयोजित होगी। सीआरपीएफ में जंगल वॉरफेयर के एक्सपर्ट 'कोबरा' कमांडो को डीजी की फेयरवेल परेड में शामिल होने के लिए कहा गया है। खास बात है कि इस वक्त वे खास कमांडो छुट्टी पर हैं।
मुख्यालय द्वारा कहा गया कि उन्हें छुट्टी से वापस बुलाया जाए। इस बाबत कोबरा सेक्टर हेडक्वार्टर के अधिकारी ने आईजी ट्रेनिंग मुख्यालय से आग्रह किया है कि कोबरा कमांडो को उनके तय लीव शेड्यूल से बीच में बुला लेना ठीक नहीं होगा। इससे उनके मनोबल पर बुरा असर पड़ सकता है। कोबरा विंग के अधिकारी ने आईजी ट्रेनिंग से पूछा है, क्या कमांडो को 15 अक्तूबर की बजाए, 25 अक्तूबर तक बुलाया जा सकता है। कोबरा दस्ता, गुरुग्राम में 25 अक्तूबर से लेकर 30 नवंबर तक परेड के अभ्यास में भाग लेगा।
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सीआरपीएफ डीजी की विदाई परेड की तैयारी एक माह पहले ही शुरू हो जाती है। पिछले साल डीजी, कुलदीप सिंह की फेयरवेल के लिए भी गुरुग्राम में जोरशोर से तैयारी की गई थी। उनका कार्यकाल 30 सितंबर 2022 को खत्म हुआ था। गुरुग्राम स्थित बल के ग्रुप सेंटर पर फेयरवेल परेड के लिए विभिन्न हिस्सों से लगभग 900 जवान और अधिकारियों ने एक सितंबर से पहले ही गुरुग्राम में रिपोर्ट किया था। गत वर्ष बल मुख्यालय द्वारा 22 अगस्त को आदेश जारी किया गया था। फेयरवेल परेड में कुल आठ कंटिंजेंट ने '9/9 ब्लॉक फॉरमेशन में हिस्सा लिया था। बल के सैंकड़ों अधिकारी भी ग्रुप सेंटर पर पहुंचे थे। इस बार भी कुछ वैसे ही तरीके से डीजी की विदाई परेड की तैयारियां हो रही हैं। कोबरा दस्ते के लिए कहा गया है कि उसे 15 अक्तूबर तक गुरुग्राम में रिपोर्ट करने को बोला जाए। चूंकि डीजी की फेयरवेल 30 नवंबर को है, इसलिए उसकी रिहर्सल एक माह पहले ही शुरू हो जाती है।
ट्रेनिंग मुख्यालय ने आदेश दिया है कि 15 अक्तूबर तक कोबरा दस्ते को एकत्रित करें। उनका मतलब था कि विदाई परेड के लिए कमांडो दस्ते को गुरुग्राम में भेजा जाए। कोबरा के अधिकारी ने कहा, इस दस्ते ने 17 सितंबर को तेलंगाना दिवस की परेड में हिस्सा लिया था। उसके बाद कोबरा दस्ते को छुट्टी पर भेजा गया था। कोबरा फोर्स की ड्यूटी अलग तरह की होती है। उनकी ऑपरेशनल ड्यूटी यूनीक है। उन्हें छह माह के दौरान ही छुट्टी मिलती है। बाकी के छह माह में तो यह यूनिट नियमित ड्यूटी पर रहती है। ऐसे में इन जवानों को छुट्टी से वापस बुलाना ठीक नहीं है। इससे जवानों पर विपरित असर पड़ेगा। अगर मुख्यालय आदेश दे तो उन्हें 15 अक्तूबर की बजाए 25 अक्तूबर को रिपोर्ट करने के लिए कह सकते हैं। कोबरा यूनिट एक्सपर्ट है, उन्हें सिखाने की जरूरत नहीं होगी। अगर वे 25 अक्तूबर को गुरुग्राम में रिपोर्ट करते हैं तो उन्हें प्रेक्टिस के लिए एक महीना और पांच दिन मिलेंगे।