SC: सुप्रीम कोर्ट ने सिविल विवाद को क्रिमिनल बताने पर इलाहाबाद HC के जज को लगाई फटकार, बताया 'न्याय का मजाक'
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज से क्रिमिनल मामलों की सुनवाई का अधिकार वापस ले लिया। कारण है कि हाईकोर्ट के जज ने सिविल विवाद में क्रिमिनल समन को गलत तरीके से सही ठहराया था। कोर्ट ने इसे न्याय का मजाक बताया और कहा अब वह केवल सिविल मामले देखेंगे, साथ ही सीनियर जज के साथ काम करेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम मामले में सुनावाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज से क्रिमिनल मामलों की सुनवाई का अधिकार छीन लिया है। यह फैसला न्यायाधीश के उस आदेश के कारण लिया गया है, जिसमें उन्होंने एक सिविल मामले में क्रिमिनल समन को गलत तरीके से सही ठहराया था। मामला कुछ इस तरह है कि एक कंपनी पर व्यापार के पैसे न चुकाने का आरोप था। कंपनी ने हाईकोर्ट में इस समन को गलत ठहराने की याचिका डाली थी क्योंकि यह मामला सिविल था, लेकिन जज ने याचिका खारिज कर दी। जज ने कहा कि पैसे वापस पाने के लिए क्रिमिनल केस चलाना ठीक है, क्योंकि सिविल केस लंबा चल सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को बताया गलत
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को सबसे गलत और चिंताजनक कहा और इसे न्याय के साथ मजाक बताया। कोर्ट ने कहा कि सिविल विवाद में क्रिमिनल केस चलाना गलत है और यह कानून की अनदेखी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब से उस जज को क्रिमिनल मामलों से हटाकर केवल सिविल मामलों की सुनवाई करनी होगी और उसे सीनियर जज के साथ ही डिवीजन बेंच में बैठना होगा।
साथ ही कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश दिया कि वह तुरंत अपने इस फैसले में बदलाव करें। बता दें कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इस जज के ऐसे कई गलत आदेश मिल चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका की प्रतिष्ठा के लिए यह जरूरी है।
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