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'नियम नहीं तोड़ा, फिर भी मुझ पर टूट पड़े पुलिसकर्मी': माकपा सांसद का दिल्ली पुलिस-सीआरपीएफ पर आरोप; क्या कहा?
Mon, 12 Oct 2026 04:42 PM IST
शिवम गर्ग
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 12 Oct 2026 04:42 PM IST
सार
माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि 11 अक्तूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने स्वतंत्र जांच, वीडियो साक्ष्य सुरक्षित रखने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
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सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिल्ली में 11 अक्तूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट का मामला सामने आया है। माकपा (CPI-M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने सोमवार को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि वह पुलिस की ओर से तय प्रतिबंधों का पालन करते हुए मीडिया से बात कर रहे थे, फिर भी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की।
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ब्रिटास को रविवार को कनॉट प्लेस इलाके में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें एक्स-रे और चिकित्सकीय जांच के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
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'बिना नियम तोड़े मीडिया से बात कर रहा था'
ब्रिटास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वह बैरिकेडिंग से काफी दूर थे और उन्होंने किसी पुलिस अधिकारी से बातचीत भी नहीं की थी। उनके मुताबिक, वह अकेले थे और निषेधाज्ञा के तहत तय संख्या की सीमा के भीतर थे। इसके बावजूद पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें क्यों पकड़ा, यह उनकी समझ से बाहर है। सांसद ने दावा किया कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें करीब 50 मीटर तक घसीटा, पुलिस वाहन के अंदर उनके साथ मारपीट की और बाद में सड़क किनारे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद मीडिया के वीडियो में पूरी घटना देखी जा सकती है।
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माकपा ने भी उठाए सवाल
माकपा महासचिव एमए बेबी ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिटास प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, फिर भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। बेबी के अनुसार, घटना के बाद ब्रिटास को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि माकपा सांसद एए रहीम और वी शिवदासन के साथ भी मारपीट की गई। बेबी ने कहा कि उन्हें और पार्टी नेता वृंदा करात को भी पुलिस अपने साथ ले गई थी।
राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की मांग
ब्रिटास ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कथित मारपीट की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की अपील की। सांसद ने मांग की कि जांच के लिए अदालत की निगरानी में स्वतंत्र व्यवस्था की जाए। साथ ही, उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो, पुलिस वाहनों की जानकारी, तैनाती के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की।
ब्रिटास के अनुसार, वह दोपहर करीब 12:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंचे थे। उन्हें जानकारी मिली थी कि युवा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद होने और मौके पर पत्रकारों की मौजूदगी की जानकारी देने के बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ कथित दुर्व्यवहार जारी रखा।
शशि थरूर ने भी जताई नाराजगी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी ब्रिटास के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की और मामले की जांच की मांग की है। यह विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आया। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जता रहे थे।