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Covid Vaccine: कोरोना के सबसे खतरनाक स्वरूप का टीका भारत में होगा तैयार, जानिए अब क्यों है इसकी जरूरत
Wed, 13 Dec 2023 07:44 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 13 Dec 2023 07:44 AM IST
सार
कॉर्बेवैक्स एक प्रोटीन सबयूनिट कोविड-19 टीका है, जिसे टेक्सास चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल सेंटर फॉर वैक्सीन डेवलपमेंट और ह्यूस्टन टेक्सास में बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन और एमरीविले व कैलिफोर्निया स्थित डायनावैक्स प्रौद्योगिकियों की ओर से विकसित किया है।
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वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना वायरस के सबसे खतरनाक स्वरूप के खिलाफ भारत में नया टीका तैयार होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की विशेषज्ञ कार्य समिति ने अध्ययन की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोरोना वायरस के एक्सबीबी 1.5 उप स्वरूप के खिलाफ देश के अलग-अलग अस्पतालों में तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण किए जाएंगे, जिनके आधार पर नया टीका तैयार होगा।
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यह कॉर्बेवैक्स टीके का नया संस्करण होगा। कॉर्बेवैक्स देश का पहला ऐसा टीका है, जिसे पांच से 80 वर्ष तक के लोगों को दिया गया। समिति के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि 7 दिसंबर को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की बैठक में भारतीय कंपनी बायोलॉजिकल ई के आवेदन पर चर्चा हुई, जिसमें कंपनी ने कोरोना के एक्सबीबी 1.5 उप स्वरूप के लिए कॉर्बेवैक्स टीका पर तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल करने की अनुमति मांगी थी। इस पर समिति ने पांच वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग में टीके के क्लिनिकल परीक्षण की अनुमति देने की सिफारिश की है।
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इसलिए नए टीके की जरूरत
कोरोना वायरस का एक्सबीबी. 1.5 उप स्वरूप है, जिसका मूल ओमिक्रॉन उप स्वरूप वंशावली से जुड़ा है। यह अब तक का सबसे आनुवंशिक रूप से समृद्ध और सबसे अधिक संक्रामक ओमिक्रॉन उप स्वरूप माना जाता है। इसी साल जनवरी माह में इस स्वरूप की वजह से अमेरिका में कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल देखने को मिला।
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प्रोटीन सबयूनिट टीका है कॉर्बेवैक्स टीका
कॉर्बेवैक्स एक प्रोटीन सबयूनिट कोविड-19 टीका है, जिसे टेक्सास चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल सेंटर फॉर वैक्सीन डेवलपमेंट और ह्यूस्टन टेक्सास में बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन और एमरीविले व कैलिफोर्निया स्थित डायनावैक्स प्रौद्योगिकियों की ओर से विकसित किया है। इसका लाइसेंस भारतीय बायोफार्मास्युटिकल फर्म बायोलॉजिकल ई के पास है।
30 करोड़ खुराक का ऑर्डर
कोविन वेबसाइट के अनुसार, अब तक देश में 220 करोड़ से ज्यादा कोरोना टीकाकरण हुआ है, जिसमें 22.73 करोड़ लोग एहतियाती यानी तीसरी बार टीका की खुराक भी ले चुके हैं। कॉर्बेवैक्स टीका की बात करें तो अब तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 30 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया जा चुका है, जिनमें से करीब 1.50 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी हैं।
भारत के पास कोरोना के 22 टीके
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कोरोना वायरस के खिलाफ 22 टीके राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल हैं। इनमें कोवाक्सिन और कोविशील्ड दो ऐसे टीका हैं, जिन्हें बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है, जबकि स्पूतनिक, मॉडर्ना, जॉनसन, जायको डी, इनकोवैक सहित 15 टीके आपातकालीन उपयोग की शर्त के साथ मौजूद हैं। इनके अलावा पांच टीके एहतियाती खुराक के लिए भी अस्पतालों में उपलब्ध हैं।