{"_id":"645915a585c27b3cd70da633","slug":"court-to-conduct-inquiry-into-tejashwi-s-only-gujaratis-can-be-thugs-remark-next-hearing-on-may-20-2023-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Defamation: अदालत बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी के खिलाफ आपराधिक मानहानि शिकायत की जांच करेगी, जानें पूरा मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Defamation: अदालत बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी के खिलाफ आपराधिक मानहानि शिकायत की जांच करेगी, जानें पूरा मामला
Mon, 08 May 2023 09:27 PM IST
कुमार विवेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 08 May 2023 09:27 PM IST
सार
Defamation: अहमदाबाद में अपर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डी.जे. परमार की अदालत राजद नेता को समन जारी करने का फैसला करने से पहले सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 202 के तहत उनके खिलाफ जांच करेगी। सीआरपीसी की धारा 202 आरोपी के खिलाफ सामग्री के आधार पर समन जारी करने के उद्देश्य से जांच से संबंधित है।
विज्ञापन
अपने पिता लालू प्रसाद यादव के साथ बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव।
- फोटो : Getty Images
विस्तार
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ गुजरात में दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में अहमदाबाद की एक अदालत ने जांच करवाने की बात कही है। तेजस्वी यादव पर 'केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं' कहने के मामले में गुजरात के समाजसेवी और कारोबारी 63 वर्षीय हरेष मेहता ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट में 20 मई को गवाही होगी। 33 साल के बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज कराया गया था।
विज्ञापन
अहमदाबाद में अपर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डी.जे. परमार की अदालत राजद नेता को समन जारी करने का फैसला करने से पहले सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 202 के तहत उनके खिलाफ जांच करेगी। सीआरपीसी की धारा 202 आरोपी के खिलाफ सामग्री के आधार पर समन जारी करने के उद्देश्य से जांच से संबंधित है। मेहता के वकील पी. आर. पटेल ने कहा कि अदालत सीडी और पेन ड्राइव में प्रस्तुत साक्ष्य की प्रामाणिकता की जांच करेगी। उनमें (सीडी और पेन ड्राइव में) शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत यादव की कथित टिप्पणी है।
विज्ञापन
पटेल ने कहा कि यह मामले की 20 मई को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान उन लोगों से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने उक्त टिप्पणी को सुना था। मेहता ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दाखिल की थी और 21 मार्च को पटना में मीडिया से बातचीत में यादव द्वारा दिये गए बयान का सबूत पेश किया था।
विज्ञापन
यादव ने कथित तौर पर कहा था, ‘‘मौजूदा स्थिति में केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं और उनकी धोखाधड़ी (अपराध) को माफ कर दिया जाएगा। अगर वे एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) या बैंकों का पैसा लेकर भाग जाएंगे, तो कौन जिम्मेदार होगा?’’ शिकायत में कहा गया है कि मीडिया के समक्ष दिए गए बयान में पूरे गुजराती समुदाय को ‘ठग’ कहा गया है, जो सभी गुजरातियों की सार्वजनिक रूप से मानहानि करता है और उन्हें अपमानित करता है।
एक अन्य मामले में अहमदाबाद की एक अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह को गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर एक आपराधिक मानहानि मामले में समन जारी किया है और उन्हें 23 मई को पेश होने के लिए कहा गया है। गुजरात विश्वविद्यालय ने संस्थान पर उनकी टिप्पणी को लेकर यह मामला दायर किया था। गुजरात विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री के संबंध में दिए गए हाईकोर्ट के एक फैसले के बारे में उनके मीडिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर ‘आप’ के दो नेताओं के खिलाफ मामला दायर किया था।