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EVM: 'चुनाव आयोग नहीं, ईवीएम पर कंपनियों का नियंत्रण ', SC ने कहा- ये जगह प्रचार हासिल करने की नहीं

Fri, 30 Sep 2022 05:50 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 30 Sep 2022 05:50 PM IST
सार

शीर्ष अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा, ऐसा लगता है कि जिस पार्टी को चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं से ज्यादा मान्यता नहीं मिली, वह अब याचिका दायर करके मान्यता प्राप्त करना चाहती है।

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Court not place where everybody walks in to get publicity, says SC, dismisses plea over EVM
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक राजनीतिक दल की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) कुछ कंपनियों द्वारा नियंत्रित थी, न कि चुनाव आयोग द्वारा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत ऐसी जगह नहीं है जहां हर कोई कुछ भी प्रचार पाने के लिए चला आए।. शीर्ष अदालत ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत चुनाव प्रक्रिया की निगरानी चुनाव आयोग करता है और ईवीएम का इस्तेमाल दशकों से चुनावों में किया जा रहा है। न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति ए एस ओका की पीठ मध्य प्रदेश जन विकास पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पिछले साल दिसंबर के फैसले के खिलाफ दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, जिसने ईवीएम का मुद्दा उठाने वाली उसकी याचिका को खारिज कर दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लगता है पार्टी को मतदाताओं से नहीं मिली मान्यता
शीर्ष अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा, ऐसा लगता है कि जिस पार्टी को चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं से ज्यादा मान्यता नहीं मिली, वह अब याचिका दायर करके मान्यता प्राप्त करना चाहती है। पीठ ने कहा कि ईवीएम लंबे समय से उपयोग में हैं लेकिन समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया जाता रहा है। पार्टी के वकील ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला दिया जो चुनाव आयोग में निहित होने वाले चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण से संबंधित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि अनुच्छेद 324 कहता है कि सब कुछ चुनाव आयोग द्वारा नियंत्रित किया जाना है, ईवीएम को कुछ कंपनियों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।
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पीठ ने कहा, क्या आप जानते हैं कि पूरे देश में संसदीय चुनावों में कितने लोग मतदान करते हैं? यह एक बड़ी कवायद है। अदालत ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता चाहता है कि अदालत इस प्रक्रिया की निगरानी करे कि किस तरीके से ईवीएम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहता है कि इस प्रक्रिया में कुछ जांच और संतुलन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता चाहता है कि अनुच्छेद 324 को सच्ची भावना से लागू किया जाए और सब कुछ चुनाव आयोग द्वारा नियंत्रित किया जाना चाहिए न कि किसी कंपनी द्वारा। वे केवल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया चाहते हैं। याचिका को खारिज करने से पहले पीठ ने कहा कि यह ऐसी जगह नहीं है जहां हर कोई सिर्फ थोड़ा प्रचार पाने के लिए आ जाए।  

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