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अस्थाना के खिलाफ जांच लटकाने से कोर्ट खफा, सीबीआई को 4 माह की मोहलत
Sat, 01 Jun 2019 06:38 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 01 Jun 2019 06:38 AM IST
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Rakesh Asthana
- फोटो : PTI
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दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के मामले की जांच पूरी करने के लिए जांच एजेंसी को चार माह की मोहलत दी है। मामला अस्थाना के खिलाफ आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने सीबीआई, अस्थाना, डीएसपी देवेंद्र कुमार व बिचौलिये मनोज प्रसाद की दलीलें सुनने के बाद 22 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि 11 जनवरी के आदेश में 10 हफ्ते में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया था। यह अवधि पूरी होने के बाद छह माह की मोहलत मांगी जा रही है, जबकि अब तक लैटर ऑफ रोगेेटरी (एलआर) भी दूसरे देशों को नहीं भेजा गया है। एजेंसी सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश कर बताए कि उसे कब पता चला कि एलआर भेजने की जरूरत है और इस पर किस अधिकारी ने कब क्या कार्रवाई की।
मालूम हो, हाईकोर्ट ने अस्थाना, देवेंद्र कुमार व मनोज प्रसाद की याचिकाएं खारिज करते हुए एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था और सीबीआई को 10 सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश 11 जनवरी को दिया था। हालांकि देवेंद्र कुमार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।
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जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि 11 जनवरी के आदेश में 10 हफ्ते में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया था। यह अवधि पूरी होने के बाद छह माह की मोहलत मांगी जा रही है, जबकि अब तक लैटर ऑफ रोगेेटरी (एलआर) भी दूसरे देशों को नहीं भेजा गया है। एजेंसी सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश कर बताए कि उसे कब पता चला कि एलआर भेजने की जरूरत है और इस पर किस अधिकारी ने कब क्या कार्रवाई की।
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मालूम हो, हाईकोर्ट ने अस्थाना, देवेंद्र कुमार व मनोज प्रसाद की याचिकाएं खारिज करते हुए एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था और सीबीआई को 10 सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश 11 जनवरी को दिया था। हालांकि देवेंद्र कुमार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।
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